रोडवेज बस के दरवाजे में लटक यात्रा कर रही गांव कोट की छात्रा का पैर फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उपचार के दौरान छात्रा ने पीजीआई में दम तोड़ दिया। हादसा उस समय हुआ जब बुधवार कॉलेज से घर लौट रही थी। घटना से गुस्साए छात्रों ने गुरुवार सुबह 8:00 बजे हडोली गांव में जाम लगा दिया। छात्र लेडीज स्पेशल बस चलाने और बसों की संख्या बढ़ाने के डीएम के आश्वासन पर शांत हुए और जाम खोला।
गांव कोट की छात्रा जसप्रीत सरकारी कॉलेज में बीए फाइनल में पढ़ती थी। बुधवार शाम कॉलेज से छुट्टी के बाद वह बस से घर लौट रही थी। भीड़ के कारण सीट न मिलने पर छात्रा दरवाजे में लटक कर यात्रा कर रही थी। बस छछरौली तिकोनी चौक पर पहुंची तो छात्रा का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई। बस का टायर छात्रा के ऊपर से निकल गया।
यात्रियों ने उसे यमुनानगर अस्पताल में भर्ती करवाया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह 8:00 बजे यह समाचार मिलते ही गुस्साए छात्रों ने हडोली गांव में जाम लगा दिया। छात्रों ने ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए रोडवेज के खिलाफ नारेबाजी की।
तीन घंटे तक छात्रों ने सड़क पर बैठकर जाम लगाए रखा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार नरेश गौतम, रोडवेज इंस्पेक्टर मायाराम, विजय गर्ग, डीएम संजय रावत और छछरौली पुलिस ने उन्हें समझाया। ग्रामीण रूटों पर स्कूल टाइम में बसों की संख्या बढ़ाने और लेडीज स्पेशल बस चलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने जाम खोला।