राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पठानकोट नेशनल हाईवे पर शाम 6:30 बजे हेमकुंड पब्लिक स्कूल के पास पहुंचकर समाप्त हो गई। यहीं पर राष्ट्रीय यात्रियों के लिए रात के भोजन व सोने और विश्राम की व्यवस्था की गई है। 16 किलोमीटर यात्रा का आधा हिस्सा सिटी एरिया व आधा देहात का इलाका था। लिहाजा, कमिशनरेट व देहात पुलिस की तरफ से कड़े सुरक्षा प्रबंध किये गए थे। हालांकि ऐसे कयास लगाये जा रहे थे कि राहुल गांधी पठानकोट मार्ग पर स्थित डेरा सच्चखंड बल्लां जा सकते हैं लेकिन रविवार को यात्रा के दौरान डेरा बल्लां नहीं गए। डेरा बल्लां रविदासिया समाज का आस्था का प्रतीक है।
कोई भी नहीं नाचा
रविवार की यात्रा में कोई भी नाच गाना या भंगड़ा नहीं किया गया। रविवार को सांसद चौधरी संतोख सिंह का संस्कार होने के कारण नेताओं ने साफ किया था कि यात्रा सादगी से होगी। इसलिए बैंड बाजे या भंगड़ा व गिद्दा और डीजे के तमाम कार्यक्रम रद्द कर दिये गए। कांग्रेस नेता अपने थीम सॉग के साथ ही यात्रा को आगे बढ़ाते दिखाई दिए।
ओलंपियन भी मिले राहुल गांधी से
रविवार को जालंधर यात्रा के दौरान पद्मश्री परगट सिंह के नेतृत्व में ओलंपियन का शिष्टमंडल राहुल गांधी से मिला और विचार चर्चा की। तमाम ओलंपियन ने पंजाब में खेल को लेकर चिंता जाहिर ली। इस शिष्टंडल में कर्नल बलबीर सिंह भी थे।