बैठक में अधिकारियों ने सीएम को बताया कि कुछ स्थानों से बाहरी राज्यों से धान की आमद और गेट पास स्कैनिंग में अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल में खरीद किए गए धान की मिलिंग के लिए जिन मिलों को धान आबंटित किया गया है, उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन की जा रही है। अब तक खरीद संस्थाओं ने 2.66 लाख किसानों से लगभग 52.18 लाख मीट्रिक टन की खरीद की है। किसानों के खाते में 10,204.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए है। राज्य की खरीद संस्थाओं ने 291.10 मीट्रिक टन व निजी व्यापारियों ने 3.99 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की है।
सीएम ने कहा कि केवल मंडी के निर्धारित दायरे में ही गेट पास स्कैन किया जाएगा। जिन मंडियों में गेट पास स्कैन सिस्टम का दुरुपयोग हुआ है, वहां संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान करके विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। ऐसे मामलों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज की जाए।