रेवाड़ी गैंगरेप के विरोध में शुक्रवार को कोसली में 51 गांवों की महापंचायत हुई, जिसमें ग्रामीणों ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए सरकार और पुलिस को चेतावनी दे डाली। दरअसल, हरियाणा में सीबीएसई टॉपर के साथ गैंगरेप की घटना से लोग काफी गुस्से में हैं। विरोध का दौर भी थमने का नाम नहीं ले रहा। पुलिस के हाथ भी दो मुख्य आरोपियों तक पहुंच नहीं पाए हैं।
इसके विरोध में बाला सरपंच हंसराज की अध्यक्षता में एक संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसके तत्वाधान में महापंचायत हुई। इसमें आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वक्ताओं ने कहा कि यदि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो धरने का प्रारंभ किया जाएगा, जो अनिश्चितकाल तक चलेगा। वहीं जन संघर्ष समिति पीड़िता के परिवार को हर संभव सहायता देगी। साथ ही इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने में भी सहयोग करेगी।
आरोपियों की पैरवी से वकीलों का इनकार
कोसली बार एसोसिएशन के प्रधान दुष्यंत यादव के मुताबिक सभी वकीलों ने एकमत से फैसला लिया है कि कोई भी वकील गैंगरेप के आरोपियों पैरवी नहीं करेगा। साथ ही हरियाणा की हर-एक बार असोसिएशन का समर्थन लिया जाएगा।
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
गैंगरेप के मुद्दे को लेकर हरियाणा कांग्रेस भी सड़कों पर उतरी और सरकार व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहर लाल खट्टर के पुतले भी फूंके। यह प्रदर्शन रेवाड़ी महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा व सांसद सुष्मिता देव और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के नेतृत्व में हुआ।