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हरियाणा: डेढ़ साल से सेवाएं दे रहे 900 क्लर्कों की अब जाएगी नौकरी, 4798 पदों पर नए सिरे से होगी नियुक्ति

Sat, 25 Jun 2022 01:34 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद 8 सितंबर 2020 को नियुक्तियां दी गई। कुछ अभ्यर्थी भर्ती में पूछे गए सवालों के गलत उत्तर को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे और संशोधित परिणाम जारी कराने की अपील की। तमाम दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तीन सवालों को ठीक मानते हुए अप्रैल 2022 में संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए।
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विस्तार
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करीब डेढ़ साल से सेवाएं दे रहे 4798 क्लर्कों में से 900 की नौकरी जाएगी और बाकी की निुयक्ति नए सिरे से होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने 2019 में निकली क्लर्क भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया है। दोबारा दस्तावेजों की जांच कराने नहीं पहुंचे क्लर्कों और जिनके तीन सवालों के अंक कम है उनका नाम चयन सूची से हटा दिया गया है। 

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आयोग ने सितंबर 2020 से नौकरी पर लगे सभी क्लर्कों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिख दिया है। अब नए सिरे से नियुक्तियां होंगी और नौकरी गंवाने वाले क्लर्कों की जगह नए अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। एचएसएससी ने साल 2019 में क्लर्क के 4798 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। 

परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद 8 सितंबर 2020 को नियुक्तियां दी गई। कुछ अभ्यर्थी भर्ती में पूछे गए सवालों के गलत उत्तर को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे और संशोधित परिणाम जारी कराने की अपील की। तमाम दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तीन सवालों को ठीक मानते हुए अप्रैल 2022 में संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए। इन सवालों के ठीक होने के चलते करीब एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के नंबर बढ़ गए, जबकि 48 हजार के कम हो गए। इसी आधार पर आयोग ने संशोधित परिणाम जारी किया है। बायोमीट्रिक निशान और चेहरे के निशान नहीं मिलने के कारण 58 अभ्यर्थियों का परिणाम को रोक लिया गया है।

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जांच कराने नहीं पहुंचे 11 हजार अभ्यर्थी, बड़े फर्जीवाड़े की आशंका
आयोग ने 21 मई से 6 जून तक कुल 24097 अभ्यर्थियों को दस्तावेज जांच के लिए बुलाया गया था। 13168 अभ्यर्थी ही दस्तावेजों की जांच कराने पहुंचे और 10929 अभ्यर्थी नहीं आए। इनमें से 900 के करीब ऐसे अभ्यर्थी गैर हाजिर रहे, जो पहले से ही चयनित थे। आशंका जताई है कि इस भर्ती में बड़े स्तर पर भर्तीवाड़ा हुआ था। काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर आर्थिक सामाजिक आधार के अंक हासिल किए थे। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के डर से अधिकतर अभ्यर्थियों ने जांच से दूरी बनाई। 
 
केस करने वाले अधिकतर का चयन
पहले चयन सूची से बाहर रहे और हाईकोर्ट में याचिका डालने वाले करीब 40 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। याचिकाकर्ता अमित कुमार, अशीष ढुल ने बताया कि जिन्होंने हाईकोर्ट में केस किया था उनमें से अधिकतर का अब चयन हो गया है। तीन सवालों को ठीक माने जाने के कारण ऐसा हुआ है। उनके उत्तर सही थे लेकिन आयोग ने पहले जारी परिणाम में गलत माना था।

ये था विवाद: तीन सवालों के एक पेपर में उत्तर ठीक और दूसरे में माने गए गलत
पेपर के दो सेट थे। सेट सी में प्रश्न नंबर 3, 47 व 66 वही थे जो सेट ए में 24, 62 व 9 थे। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए चार विकल्प ए, बी, सी, डी दिए गए थे। सेट सी में यदि प्रश्न का उत्तर सी था तो सेट ए में डी था। आयोग ने परिणाम जारी किया तो दोनों के विकल्प सी को सही बताते हुए अंक दिए। इन अंकों के चलते कई आवेदक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए। हाईकोर्ट ने उन तीन सवालों को ठीक मानकर संशेधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे।

2019 निकली भर्ती के तहत सेवाएं दे रहे क्लर्कों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिख दिया है। संशोधित परिणाम जारी कर दिया गया है और अब नए सिरे से नियुक्तियां होंगी। अभ्यर्थियों के बायोमीट्रिक निशान लिए जाएंगे, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग  
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