देश के टॉप 20 स्मार्ट शहरों की सूची में जगह नहीं बना पाने के बाद भी यूटी प्रशासन का रवैया इसे लेकर ढुलमुल बना हुआ है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास संशोधित प्रस्ताव भेजने की कौन कहे, चंडीगढ़ प्रशासन अभी तक अपना प्रस्ताव फाइनल भी नहीं कर पाया है। हालांकि, मंत्रालय ने प्रस्ताव भेजने की तिथि 15 अप्रैल से बढ़ाकर 21 अप्रैल कर दिया है।
प्रशासन मंगलवार को भी गृह सचिव कम स्मार्ट सिटी के मिशन डायरेक्टर अनुराग अग्रवाल ने अधिकारियों की प्रस्ताव को लेकर मीटिंग ली। अब अगले 5 दिन छुट्टी के कारण 16 अप्रैल तक दफ्तर बंद रहेंगे। 18 अप्रैल को एडवाइजर परिमल राय स्मार्ट सिटी प्रस्ताव की रिव्यू मीटिंग लेंगे। अधिकारियों का कहना है कि वह अपना प्रस्ताव 20 अप्रैल को जमा करवाएंगे।
अंतिम तिथि पर प्रस्ताव जमा करवाने पर अगर कोई कमी रह गई तो चंडीगढ़ को फिर निराशा हाथ लगेगी। देश के 23 शहरों को पहले फेज के स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने का दूसरा मौका मिला है। 21 अप्रैल तक प्रस्ताव जमा होने केबाद 25 जून से जमीनी स्तर पर काम शुरू हो जाएगा।
इन शहरों से आना है प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, उत्तराखंड के देहरादून, हरियाणा के फरीदाबाद, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, चंडीगढ़, बिहार के भागलपुर, झारखंड के रांची, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, गोवा के पणजी, तेलंगाना के वारांगल, पश्चिम बंगाल से न्यू टाउन कोलकाता, अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट, मेघालय से शिलांग, सिक्किम के नामची, अंडमान निकोबार का पोर्ट ब्लेयर, दमन दीव का दीव, दादरा नगर हवेली का सिलवासा, मणिपुर का इंफाल, नागालैंड का कोहिमा।