चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को रिवाइज्ड एस्टीमेट (आरई) भेज दिया है। प्रशासन ने वर्ष 2024-25 के बजट को करीब 14 फीसदी बढ़ाने की मांग रखी है। कारण टीए-डीए और एचआरए में बढ़ोतरी है। इसके अलावा कुछ विकास कार्यों के लिए भी रुपयों की मांग की गई है। करीब 911 करोड़ रुपये आरई में मांगे गए हैं। अगर केंद्र इसमें कोई कटौती नहीं करता है और ज्यादा पैसे देता है तो प्रशासन नगर निगम को अतिरिक्त ग्रांट भी दे सकता है।
चंडीगढ़ को कैपिटल और रेवेन्यू हेड के तहत 2024-25 के लिए कुल 6513.62 करोड़ रुपये मिले थे। अब रिवाइज्ड एस्टीमेट में 911 करोड़ रुपये की मांग के साथ वार्षिक बजट को 7424.62 करोड़ करने की मांग की गई है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि टीए-डीए और एचआरए में बढ़ोतरी की वजह से आधे पैसे तो इसी में चले जाएंगे। हालांकि कुछ पैसे विकास कार्यों के लिए मांगे गए हैं। अब दिसंबर के मध्य या अंत तक प्रशासन को पता चलेगा कि केंद्र से उन्हें कितने रुपये मिले हैं। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि आरई में नगर निगम के लिए अलग से पैसे नहीं मांगे जाते हैं लेकिन अगर केंद्र कटौती नहीं करता है या ज्यादा पैसे देता है तो निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त ग्रांट देने पर प्रशासन विचार कर सकता है। हालांकि अमूमन देखा गया है कि केंद्र चंडीगढ़ के मांगे गए आरई में कटौती करता है। वित्त वर्ष 2023-24 में प्रशासन ने आरई में करीब 1219 करोड़ मांगे थे, लेकिन केंद्र ने 628 करोड़ ही दिए थे। वहीं 2022-23 में प्रशासन ने 1047 करोड़ मांगे थे लेकिन केंद्र ने 650 करोड़ रुपये ही मंजूर किए थे। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में से भी 244 करोड़ रुपये और वर्ष 2020-21 के आरई में केंद्र सरकार ने 493.19 करोड़ रुपये का कट लगा दिया था।
पिछले 5 वर्षों में रेवेन्यू और कैपिटल हेड
वर्ष - रेवेन्यू हेड - कैपिटल हेड
2024-25 - 5858.62 - 655
2023-24 - 5365.07 - 722.03
2022-23 - 4843.46 - 539.33
2021-22 - 4567.67 - 618.45
2020-21 - 4643.96 - 494.14