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Haryana: समीक्षा कमेटी 10 दिन में देगी रिपोर्ट, इसी पर सरकार गन्ने के भाव पर लेगी फैसला, किसानों ने नकारा

Tue, 24 Jan 2023 01:58 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कमेटी में कृषि मंत्री जेपी दलाल के साथ साथ कृषि विशेषज्ञ और शुगरफेड के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी की एक बैठक हो चुकी है लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाकियू नेताओं के साथ बैठक की थी लेकिन रेट बढ़ाने को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है।
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फाइल फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा में गन्ने के भाव बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच आगामी 10 दिनों में गन्ना रेट समीक्षा कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप देगी। प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल की अध्यक्षता वाली कमेटी इन 10 दिनों में दो और बैठकें करेगी। इसके बाद समीक्षा में जो भी सामने आएगा उसकी सिफारिशें सरकार से करेगी। इनमें शुगर मिलों को घाटे से उबारने से लेकर गन्ने के रेट को लेकर भी सुझाव शामिल होंगे।

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कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। गन्ने का रेट बढ़ाने को लेकर हरियाणा में भारतीय किसान यूनियन आंदोलन चला रही है और शुगर मिलों पर ताले जड़ दिए गए हैं। विरोध को देखते हुए एक समीक्षा कमेटी गठित की है। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही सरकार गन्ने के रेट को लेकर स्थिति साफ करेगी। 

कमेटी में कृषि मंत्री जेपी दलाल के साथ साथ कृषि विशेषज्ञ और शुगरफेड के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी की एक बैठक हो चुकी है लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाकियू नेताओं के साथ बैठक की थी लेकिन रेट बढ़ाने को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है।
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सरकार और किसान आमने सामने
इधर, किसानों और सरकार का टकराव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि कमेटी की रिपोर्ट पर ही गन्ने के भाव बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। किसानों ने कमेटी को नकार दिया है और रेट बढ़ाने के बाद ही आंलोलन वापस लेने की बात सही है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसानों से अपील है कि वह पहले मिलों से ताले खोलें और पिराई शुरू होने दें। मिल बंद करने से किसानों को ही नुकसान है। 

दलाल का कहना है कि गन्ने का रेट बढ़ोतरी को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और किसानों को इसका भुगतान करना पड़ रहा है। किसानों को चाहिए वह राजतीति करने वालों से बचें। गन्ना रेट बढ़ाने को लेकर कमेटी 10 दिनों में रिपोर्ट सौंप देगी। वहीं, भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ताले तभी खुलेंगे, जब सरकार गन्ने का रेट बढ़ाएगी।

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