पटवारी करते रहे नारेबाजी और लोग काटते रहे कार्यालयों के चक्कर
एसोसिएशन की चेतावनी- 10 तक सरकार ने नहीं सुनी तो लेंगे बड़ा फैसला
करनाल, रोहतक, हिसार। हरियाणा में दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार से फिर से राजस्व पटवारियों और कानूनगो ने हड़ताल शुरू कर दी है। तीन दिन चलने वाली इस हड़ताल का तहसीलों पर सीधा असर दिखने लगा है। सोमवार को प्रदेश में रजिस्ट्री, आय प्रमाण पत्र बनाने से लेकर जमाबंदी और दस्तावेजों की प्रामाणिकता नहीं हो पाई। लोग तहसीलों में धक्के खाते रहे और पटवारी जिला सचिवालय व तहसील कार्यालयों के बाहर धरने पर बैठे रहे। पटवारखानों पर ताले लटके मिलने से लोगों को मायूस अपने घर जाना पड़ा। 10 जनवरी तक प्रस्तावित हड़ताल को खत्म कराने को लेकर अभी तक सरकार की ओर से पटवारी एसोसिएशन को बैठक के लिए बुलावा नहीं मिला है।
कैथल में हड़ताल के चलते मात्र 20 रजिस्ट्रियां ही हो पाईं। पानीपत में 45 और कुरुक्षेत्र में 50, करनाल में 30, अंबाला में 149 रजिस्ट्रियां ही हो पाई। वहीं, सोनीपत में 39 हजार से ज्यादा फाइलें लंबित हैं। सोनीपत में 79 पटवारी व 20 कानूनगो, रोहतक में 80 पटवारी व 18 कानूनगो, रेवाड़ी में 67 पटवारी व 16 कानूनगो, नारनौल में 55 पटवारी व 11 कानूनगो, झज्जर में 115 पटवारी और 19 कानूनगो और जींद में 40 पटवारी और 20 कानूनगो हड़ताल पर रहे।
मांगों को लेकर गरजे पटवारी, लोग काटते रहे चक्कर
द रेवेन्यू पटवार कानूनगो एसोसिएशन के बैनर हिसार में पटवारी लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए। सोमवार को भिवानी तहसील कार्यालय में सिर्फ 35 रजिस्ट्री हुई, जबकि 100 रजिस्ट्री के टोकन काटे गए। कुछ ऐसे ही हालात सिरसा में रहे। पटवारी नारेबाजी करते रहे तो लोग अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। भूमि की रजिस्ट्री से लेकर जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र व इंतकाल दर्ज जैसे प्रभावित रहे।फतेहाबाद और चरखी दादरी में भी पटवारी हड़ताल पर रहे।
होगी आर पार की लड़ाई : प्रधान
पटवारी एसोसिएशन के राज्य प्रधान जयवीर चहल ने कहा कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी। पटवारी किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार बार-बार आश्वासन देती रही है, लेकिन मांगों को मूर्त रूप नहीं दिया गया। अगर 10 जनवरी तक भी सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी तो फिर बड़ा फैसला लिया जाएगा।