चंडीगढ़। पीयू की ओर से आयोजित की गई अंतिम वर्ष की परीक्षा में छात्रों ने खूब नकल की है। इसका खुलासा मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों ने किया है। सवालों का जवाब देने के लिए छात्रों ने किताबों के पूरे के पूरे पाठ ही उतार दिए। शिक्षक भी हैरत में हैं। अब वह नंबर दें तो किस आधार पर। हालांकि अधिकांश छात्रों को पास करना जरूरी है। इसलिए अंक दिए जा रहे हैं।
इस बार पीयू ने ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की थी। छात्रों के व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र भेजा गया था। छात्र घर बैठकर परीक्षा में शामिल हुए। दो घंटे की परीक्षा में सभी प्रश्न करने अनिवार्य नहीं थे। 50 सवालों के जवाब दिए जाने थे। पीयू ने नकल रोकने के लिए कोई मंच तैयार नहीं किया था, इसलिए जमकर नकल हुई। हालांकि पीयू को लग रहा था कि सवाल इस तरह के पूछे गए हैं कि विद्यार्थियों को नकल करने का समय ही न मिले, लेकिन यह योजना भी फेल हो गई। साइंस विभाग के कुछ शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की। नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि छात्रों ने पूछे गए सवाल के दो से चार शब्दों को पकड़ा और उनका मिलान किताबों से किया। जहां शब्द मिले उसे पूरा का पूरा लिख दिया जबकि सवाल में पूछा कुछ और गया है। यानी छात्रों ने नकल की है, लेकिन अकल पूरी नहीं लगाई। हालांकि शिक्षकों की मजबूरी है कि छात्रों को पास करने के लिए अंक दिए जाएं।