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खुलासा : नोटबंदी के बाद बैंक से पहले PGI में ऐसे बदले 500 के नोट

Sat, 04 Feb 2017 12:58 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यहां बदले गए 500 के नोट
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नोटबंदी की घोषणा के बाद पीजीआई के कैश काउंटर पर 100 रुपये के खूब नोट आए, लेकिन बैंक में जमा होने से पहले उन्हें बदल दिया गया। 
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नौ से 12 नवंबर के बीच पीजीआई का जो कैश बैंक में जमा हुआ है, उसमें 100 का एक भी नोट नहीं है। इसका मतलब है कि बैंक में जमा करने से पहले उन्हें 500 और हजार रुपये के नोट से बदल लिया गया।

 पीजीआई और बैंक की ओर से दी गई सूचना में इसका खुलासा हुआ है। इस बारे में पहले भी आरोप लगते रहे थे, लेकिन अब ये आरोप साबित भी हो गए हैं। अब देखना होगा कि पीजीआई की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है। 
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ये तो उन नोटों का ब्योरा है, जो ऑन रिकार्ड हैं। कई नोट तो काउंटर से ही बदल दिए गए, इसका तो कोई भी रिकार्ड नहीं है। बताया गया है कि आम लोगों को नोट बदलने के लिए घंटों लाइनों में लगना पड़ा, लेकिन पीजीआई के कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों ने मरीजों की ओर से जमा किए गए 100 के नोटों को मुख्य कैश काउंटर में ही बदल लिया। 
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ऐसे समझे नोट बदलने ये का खेल

पीजीआई
ऐसे समझे नोट बदलने के खेल को
1.आठ नवंबर को कुल 24 लाख 44 हजार 198.00 रुपये का कैश जमा हुआ था। इसमें सौ रुपये के 119 नोट थे, लेकिन जब पीजीआई ने बैंक में कैश जमा कराए तो उसमें हजार के 583, 500 के 3722, 50 के तीन, 10 के चार, पांच का एक नोट था। 100 रुपये के एक भी नोट नहीं जमा कराया गया।

2. नौ नवंबर को कुल 18 लाख 39 हजार 646 रुपये का कैश जमा हुआ। इसमें सौ रुपये के 585 नोट थे, लेकिन जब पीजीआई ने बैंक में कैश जमा कराया तो उसमें हजार के 301, 500 के 3077 और 5 के 5 व कुछ सिक्के थे। इस दिन भी 100 रुपये के नोट नहीं जमा हुए।
 
3.10  नवंबर को कुल 27 लाख 17 हजार 57 रुपये का कैश जमा हुआ। इसमें सौ रुपये के 62 नोट थे। पीजीआई ने जब अगले दिन बैंक में कैश जमा कराया तो उसमें हजार के 738, 500 के 3958 और 57 के सिक्के थे, लेकिन 100 का भी नोट नहीं जमा कराया गया।

4. 11 नवंबर को कुल 24 लाख 80 हजार 533 रुपये का कैश जमा हुआ। इस दिन 100 रुपये के कुल 73 नोट आए। पीजीआई ने जब अगले दिन बैंक में कैश जमा कराया तो हजार के 798, 500 के 3365 नोट थे, मगर 100 का एक भी नोट नहीं था।

पीजीआई में ऐसे आता है कैश
पीजीआई में अलग-अलग बिल्डिंग में कैश काउंटर हैं। मरीज सबसे पहले कैश काउंटर में रुपये जमा कराता है। उसके बाद कैश काउंटरों का रुपया मुख्य कैशियर के पास जाता है। वहां से अगले दिन बैंक में जमा कराया जाता है। यानी कि धांधली बैंक में जमा होने के ठीक पहले वाले काउंटर में हुई है।
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