पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट आयु सीमा बढ़ाने की मांग पर पंजाब सरकार ने फिर मना कर दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में कहा है कि पीयू न तो सेंट्रल एक्ट के तहत बनी और न ही इसे सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है।
यह यूनिवर्सिटी स्टेट एक्ट के तहत बनी है और रिटायरमेंट आयु सीमा बढ़ाने के लिए सरकार की स्वीकृति जरूरी है। लिहाजा, इसके प्रोफेसरों की रिटायरमेंट आयु सीमा 60 साल से बढ़ाकर 65 साल नहीं की जा सकती।
उल्लेखनीय है कि प्रोफेसरों ने पहले भी याचिका दायर की थी। उस वक्त भी पंजाब ने यही जवाब दिया था। केंद्र सरकार ने कहा था कि पंजाब सरकार ही तैयार नहीं तो केंद्र सरकार रिटायरमेंट आयु सीमा नहीं बढ़ा सकता, क्योंकि यह सेंट्रल यूनिवर्सिटी नहीं है।
इस याचिका का निपटारा हो चुका था, लेकिन इसके बाद दोबारा याचिका दायर कर प्रोफेसरों ने केंद्र सरकार की ओर से रिटायरमेंट आयु सीमा नहीं बढ़ाने के लिए फैसले को रद्द करने की मांग की थी।
इसी पर केंद्र और पंजाब सरकार को फिर नोटिस जारी किया गया था। अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार का जवाब रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई 10 मार्च तक स्थगित कर दी है।