मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों और अन्य वर्गों जैसे कि जजों, अध्यापकों आदि जिनको टीकाकरण के लिए कवर करने की विनती की थी, को 45 वर्षों की आयु सीमा पार करने पर टीकाकरण की सुविधा देने के लिए कहा है। उन्होंने अधिक मामलों वाले जिलों में मौजूद साधन इकठ्ठा करने के आदेश दिए जिससे इस महामारी की रोकथाम करने के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया उचित ढंग से पूरी की जा सके।
उल्लेखनीय है कि ताजा आंकड़े बताते हैं कि वायरस का यूके स्ट्रेन राज्य में सबसे ज्यादा मिल रहा है। वायरस के स्तर का पता लगाने के लिए शुरुआत में एनसीडीसी को भेजे 401 कोविड पॉजिटिव सैंपलों में से 326 केस यूके वायरस के थे। बाद में आईजीआईबी को भेजे 95 सैंपलों में से 85 सैंपल यूके स्ट्रेन के मिले।
अब 40 साल से कम उम्र वालों के केस आएंगे सबसे ज्यादा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव ने कोविड महामारी की ताजा स्थिति साझा की। बैठक में सीएमसी लुधियाना की तरफ से पेश रुझान में बताया गया कि कुछ जिलों में पॉजिटिव मामलों और मौतों की संख्या में बहुत तेजी से विस्तार हो रहा है। बढ़ते मामलों संबंधी रुझान के अनुसार छह अप्रैल, 2021 को शिखर पर होगा।
अनुमानों के अनुसार, मई, 2021 के अर्ध या आखिर में मामलों की संख्या घटने लगेगी। इसके अलावा यह भी बताया गया कि जालंधर, लुधियाना, पटियाला, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, होशियारपुर और कपूरथला में और केस आने की संभावना है और यह भी संभावना है कि 40 साल या इससे कम के नौजवानों में यह केस सबसे अधिक होंगे।
मास्क न पहनने वाले 90360 लोगों के कराए टेस्ट : डीजीपी
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पिछली मीटिंग से जब कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के चालान करने और साथ ही आरटी-पीसीआर टेस्टिंग का फैसला लिया गया था, उस समय से 90,360 व्यक्तियों के चालान और कोविड टेस्ट किये गए हैं। उन्होंने पुलिस लाइनों में एक विशेष टीकाकरण मुहिम की अपील भी की।
निजी अस्पतालों में बाकी इलाज स्थगित करने का सुझाव
पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं मेडिकल सलाहकार डॉ. केके तलवार ने सुझाव दिया है कि कुछ चुनिंदा निजी अस्पतालों में कोविड के अलावा अन्य मरीजों के इलाज को 2-4 हफ्तों के लिए स्थगित किया जा सकता है और जहां कोई मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, उन जिला अस्पतालों में और एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जा सकती हैं।