पसंदीदा पद मिलते तो भाजपा न छोड़ते पूर्व कांग्रेसी
पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए आठ नेताओं को जब पसंदीदा ओहदे नहीं मिले तो उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी में लौटना ही बेहतर समझा।
प्रदेश भाजपा सूत्रों के अनुसार आठ पूर्व कांग्रेसी नेताओं के भाजपा छोड़ने में राजकुमार वेरका ने अहम भूमिका निभाई। वेरका ने प्रदेश भाजपा प्रधान से मांग की थी कि उन्हें राष्ट्रीय एससी आयोग का अध्यक्ष बनाया जाए। यह पद अब तक पंजाब भाजपा के पूर्व प्रधान विजय सांपला के पास था, जिन्हें पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए पद वापस लिया है। पता चला है कि पूर्व कांग्रेसी नेताओं ने मांग भी रखी कि उनके बारे में अगर कोई सियासी विवाद खड़ा होता है तो भाजपा हाईकमान उनकी मदद करे।
जानकारी के अनुसार सुनील जाखड़ ने इस संबंध में पार्टी हाईकमान से बातचीत भी की, लेकिन हाईकमान ने यह कहते हुए वेरका को पद देने से इन्कार कर दिया कि भाजपा के कई सीनियर नेता कतार में हैं और वेरका अभी पार्टी में इस कद के नेता नहीं बने हैं। सूत्रों के अनुसार, इससे नाराज वेरका ने कांग्रेस से भाजपा में आए अन्य नेताओं को भी अपने साथ मिलाया और पार्टी को अलविदा कह दिया। हालांकि इस संबंध में पंजाब भाजपा प्रधान ने कुछ भी कहने से इन्कार किया है।