पंजाब के आढ़ती सरकार के प्रस्तावित साहूकार एक्ट के विरोध में आ गए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर आंदोलन का फैसला किया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर आढ़तियों को इस एक्ट केदायरे में लाया गया तो वे एक अप्रैल से पंजाब की सारी मंडियां बंद कर देंगे।
पंजाब फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विजय कालड़ा ने कहा कि सरकार साहूकार एक्ट 1934 व 1938 के प्रावधानों में बदलाव कर नया एक्ट बनाने जा रही है। यह प्रस्ताव भी साल 2006 में बना था, पर अब तक एक्ट नहीं बना। अब चुनावी साल को देखते हुए किसानों का वोट हासिल करने की मंशा से आनन-फानन में यह एक्ट लाया जा रहा है। ताकि किसानों की आत्महत्याओं से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
इसमें आढ़तियों केलिए शर्त है कि उनकी ब्याज दर बैंकों के बराबर या उससे कम होगी। अगर किसान व आढ़ती के बीच कोई विवाद होता है तो एसडीएम को ही निपटारे का अधिकार होगा। कालड़ा ने कहा कि सरकार आढ़तियों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहती है। सरकार चाहे तो किसानों की भलाई के लिए कई कदम उठा सकती है।
उन्हें फसलों का अच्छा मूल्य दिलाया जाए, कम ब्याज पर कर्ज दिलाया जाए। इस एक्ट के लागू होने से आढ़तियों और किसानों के रिश्तों में फर्क आएगा, किसान और कमजोर होंगे। यह एक्ट महाराष्ट्र में बुरी तरह फेल हो चुका है।
बुधवार की बैठक में फैसला किया गया है कि अगर आढ़तियों को इसके दायरे में लाया गया तो एक अप्रैल से पंजाब की मंडियां बंद कर देंगे। गौरतलब है कि सरकार ने एक्ट के संबंध में कैबिनेट सब-कमेटी गठित की है। इसमें आदेश प्रताप कैरों, बिक्रम मजीठिया, तोता सिंह और मदन मोहन मित्तल शामिल हैं।
कैरों ने दिया भरोसा
आढ़तियों की ओर से आंदोलन की चेतावनी के बाद फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप कैरों ने इसमें दखल दिया है। उन्होंने पंजाब फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए बुलाया था।
फेडरेशन प्रधान विजय कालड़ा ने कहा कि कैरों ने कहा है कि एक्ट का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद उन्हें कॉपियां दी जाएंगी। वे स्टडी कर लें, अगर कुछ संशोधन करवाना होगा तो उस पर विचार किया जाएगा। अब आढ़ती ड्राफ्ट की कॉपी मिलने के बाद फैसला करेंगे।