मनीमाजरा। चंडीगढ़ में जाम की स्थिति से निपटने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए सीटीयू ने बसों को स्मार्ट बनाने का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत 31 मार्च 2020 से शहरवासी सीटीयू की बसों को मोबाइल पर ट्रैक कर सकेंगे। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत सभी बसों को बस क्यू शेल्टर के साथ जोड़ा जाएगा ताकि लोगों को मोबाइल एप से पता चल सके कि कौन सी बस कितनी देर में पहुंचेगी। इसके अलावा बस क्यू शेल्टर पर बस के आने और जाने का समय भी डिस्प्ले किया जाना है।
उधर, समस्या समाधान टीम के मनोज शुक्ला का कहना है कि बसों को स्मार्ट करने के लिए सीटीयू करोड़ों खर्च कर रहा है परंतु बिना बस क्यू शेल्टर के ये सब व्यर्थ हो जाएगा। ये इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत बस क्यू शेल्टर में डिस्प्ले बोर्ड लगना है मगर बस क्यू शेल्टर की गैर मौजूदगी इस सिस्टम को कामयाब होने का संदेह पैदा कर रही है। टीम के प्रवीण का कहना है कि पिछले तीन साल से बस क्यू शेल्टर की कमी के कारण बस में सफर करने वाले सभी मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है। सभी को बस की इंतजार में, बरसात के मौसम में खुले में खड़े हो कर भीगना पड़ता है। गर्मियों में भरी धूप में खड़ा होना पड़ता है।
अब फिर से गर्मियों का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसे मौसम में बुजुर्गों और महिलाओं को खास करके गर्भवती महिलाओं को बिना बस क्यू शेल्टर के खड़ा होना उनकी सेहत पर काफी बुरा प्रभाव डालेगा। इसलिए समस्या समाधान टीम ने जल्द से जल्द बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के अलावा चंडीगढ़ के एडवाइजर मनोज परिदा और सांसद किरण खेर को लिखित में ज्ञापन दिया है।
इस मौके पर समस्या समाधान टीम के मुकेश मिश्रा का कहना है कि चंडीगढ़ में कुल 497 बस क्यू शेल्टर बनाने की योजना है, जिसमें से 294 नये बस क्यू शेल्टर बनने हैं और 203 का पुनर्निर्माण होना है। लगभग तीन साल पहले 66 जगहों पर लोहे से बने बस क्यू शेल्टर बनाए गए थे, लेकिन यहां से लोग लोहे को निकाल के गए। इसके बाद से ये बस क्यू शेल्टर बदहाल पड़े है। बचे हुए सीमेंट के बस क्यू शेल्टर की हालत भी काफी दयनीय है।