चंडीगढ़ साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट।
- फोटो : फाइल
देश के 92 शहरों के प्रतिनिधि चंडीगढ़ के साइकिल शेयरिंग मॉडल को देखेंगे। नॉन मोटराइज्ड व्हीकल योजना के अंतर्गत बेंगलुरु के बाद यह देश में दूसरा आयोजन है। शहरी आवास विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दो दिनों तक देशभर के अलग-अलग शहरों प्रतिनिधि चंडीगढ़ में रहेंगे। प्रतिनिधि पहले दिन इस मॉडल को अपनाने के लिए कार्ययोजना सीखेंगे जबकि दूसरे दिन साइकिल ट्रैक और साइकिलों के संचालन की व्यवस्था को समझेंगे।
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि नॉन मोटराइज्ड व्हीकल योजना के अंतर्गत 19 और 20 दिसंबर को देशभर के चुनिंदा 92 शहरों के प्रतिनिधियों को चंडीगढ़ आना है। इस दौरान साइकिल प्रोजेक्ट के लिए किस तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए, इसका मॉडल कैसे तैयार होता है, लोगों को कितनी सहूलियत देकर गाड़ियों से दूर कर सकते हैं, पर्यावरण बचाव में इस योजना का क्या महत्व है सहित कई विषयों पर जानकारी दी जाएगी। अगले दिन सभी को फील्ड विजिट पर ले जाया जाएगा जिसमें साइकिल ट्रैक के साथ ही साइकिल संचालन और इसकी निगरानी के लिए बनाए गए कमांड कंट्रोल सेंटर को भी दिखाया जाएगा।
देश में सबसे ज्यादा सार्वजनिक साइकिल चलाने वाला शहर है चंडीगढ़
चंडीगढ़ देश में सबसे ज्यादा सार्वजनिक साइकिल चलाने वाला शहर है। अभी तक शहर में 2500 साइकिलें संचालित हो चुकी हैं। इसके बाद तीसरे और चौथे फेज में भी 2500 साइकिलें संचालित होनी हैं। कोविड के कारण इस योजना में देरी हो गई, नहीं तो अभी तक इसे पूरा हो जाना था। इसे पूरा करने के लिए स्मार्ट सिटी के अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि ज्यादाजर क्षेत्रों में साइकिल पहुंचें और लोग इनका उपयोग करें। इससे सड़कों पर कारों की संख्या कम होगी।
योजना एक नजर में
कुल उपयोगकर्ता- 2.04 लाख
कुल राइड- 6.25 लाख
प्रतिदिन औसतन राइड- 1650
कुल किलोमीटर- 24 लाख से ज्यादा
पर्यावरण में कितना कार्बन जाने से बचाया- 531 टन
केंद्र सरकार की ओर से हमें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इससे पहले एक कार्यक्रम बेंगलुरु में हुआ था। अब चंडीगढ़ के साइकिल मॉडल को स्मार्ट सिटी देखेगी। इसका उद्देश्य है कि एक दूसरे से सीखकर अपनी सिटी में लोगों की सहूलियत के लिए बेहतर योजना लागू की जाए।
-आनिंदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम