पंचकूला में आयोजित समारोह में सीएम नायब सैनी
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप में जींद की विवादित समाज सेविका को मुख्यमंत्री से सम्मानित कराने का मामला गहरा गया है। रविवार को इस संबंध में अमर उजाला में प्रकाशित एक्सक्लूसिव खबर का मुख्यमंत्री नायब सैनी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब कर ली।
मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से संबंधित विभाग को निर्धारित समय में विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग और चयन कमेटी में शामिल अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
विभागीय अधिकारी विवादित समाजसेविका का नाम सम्मानित होने वालों की सूची में शामिल करने पर एक-दूसरे से वेरिफाई करने में लगे हैं। सीएम दफ्तर की ओर से तलब रिपोर्ट में विभाग को बाकायदा बताना होगा कि किस-किस स्तर पर चूक हुई है।
सबसे पहले कमेटी में शामिल किस अधिकारी ने महिला का नाम सत्यापित किया और उसके बाद किस अधिकारी ने उसका नाम सूची में शामिल करने के लिए हरी झंडी दी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के साथ मंच पर सम्मान लेने के लिए आने पर किस अधिकारी ने सभी तथ्यों का वेरिफिकेशन किया था। मामले में लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
अवॉर्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन, कमेटी द्वारा चयन
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष अवॉर्ड का सम्मान पाने के लिए सभी जिलों की महिलाओं को ब्लॉक स्तर पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होती है। उक्त महिला की चयन कमेटी में डाटा प्रोटेक्शन अफसर (डीपीओ) कांता यादव, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटक्शन अफसर (डीसीपीओ) सुजाता मल्हान, रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रवि हुड्डा और जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी शामिल बताई गई हैं।
इनमें डीपीओ और डीसीपीओ कमेटी में चयनित हुए नाम की सूची को अंतिम रूप देने के लिए डीसी कार्यालय से पास करवाते हैं। पिछले साल भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इस महिला ने आवेदन किया था। उस समय की डीपीओ ने इसका नाम सूची से हटा दिया था।
यह है विवाद
कथित तौर पर खुद को समाजसेविका बताने वाली महिला रोहतक, हिसार और जींद में अलग-अलग वर्षों में 26 लोगों पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर चर्चा में रह चुकी है। इस मामले में महिला को 33 दिन जेल में रहना पड़ा था।