25 जनवरी को पीएम और सीएम को गवर्नर के मंच से गौ हत्यारा बताने वाली तथा गीता जयंती के संत सम्मेलन में हंगामा मचाने की आरोपी रेणुका चोपड़ा को किसी भी प्रकार की तत्काल राहत से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। चोपड़ा ने याचिका दाखिल करते हुए उसपर दर्ज दो एफआईआर को फंसाने की साजिश करार देते हुए उसे रद्द करने तथा पुलिस से एनकाउंटर का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका में ऐसा कुछ नहीं है जिसपर तुरंत सुनवाई अति आवश्यक हो ऐसे में याचिका पर वेकेशन बेंच नहीं बल्कि रेगुलर बेंच सुनवाई करे। कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा गौ तस्करी को रोकने की मुहीम चला रही हैं और इसको लेकर हाईकोर्ट में उनकी जनहित याचिका भी लंबित है। बीते दिनों गीता जयंती के अवसर पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया था और तब उन्होंने वहां पर कथित तौर पर हंगामा मचाया था जिसके चलते पुलिस उन्हें वहां से उठाकर ले गई थी।
26 जनवरी को कुरुक्षेत्र में परेड के दौरान राज्यपाल जिस मंच पर मौजूद थे रेणुका चोपड़ा वहां पहुंच गई थी और राज्यपाल के करीब से उसने सीएम और पीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों को गौ हत्यारा कहा था। दोनों मौकों पर पुलिस उसे वहां से ले गई थी जिसके बाद याची पर दो एफआईआर दर्ज हुई थी। इन एफआईआर को फर्जी बताते हुए रेणुका चोपड़ा ने कहा कि पुलिस ने उन्हें दो बार अवैध तरीके से बंधक बनाया और उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी।
याची ने कहा कि उसे खतरा है कि पुलिस उसका एनकाउंटर न कर दे। ऐसे में याची ने उसे उचित सुरक्षा मुहैया करवाने की तथा उसपर दर्ज दोनों मामलेां को रद्द करने की अपील की थी। वेकेशन बेंच के कारण याचिका पर सुनवाई जुलाई में होनी थी जिसके चलते याची ने वेकेशन बेंच के सामने अपील की कि उसका केस आज ही सुना जाए। इससे हाईकोर्ट ने इनकार करते हुए याची को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी।