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चेतन भगत ने पेड़ के नीचे बनवाई शेव, 19 साल के नाई ने किए कई खुलासे

Tue, 18 Oct 2016 09:24 AM IST
शबनम कौर/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चेतन भगत
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जाने माने लेखक चेतन भगत ने अपनी किताब का विमोचन करने से पहले एक ऐसा काम किया, जिसकी कहानी 19 साल के लड़के ने सुनाई। दरअसल, चेतन भगत शनिवार को एलांते मॉल में अपनी किताब ‘वन इंडिया गर्ल’ का विमोचन करने आए थे।
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कार्यक्रम से पहले उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया फेज वन स्थित कबाड़ी मार्केट में सड़क किनारे शेव करवाई। शेव करने वाला एक 19 साल लड़का रिजवान खान था, जिससे उन्होंने चंडीगढ़ की खूबसूरती को जानने की कोशिश की और अपने इस लक्ष्य में वे सफल भी हुए।

रिजवान ने चेतन भगत को सिटी ब्यूटीफुल की तीन खास बातें बताईं। चेतन के मुताबिक पहली यह कि चंडीगढ़ बहुत खूबसूरत शहर है और यहां पर साफ सफाई हमेशा रहती है। दूसरा सुखना लेक और रॉक गार्डन चंडीगढ़ के मुख्य पर्यटन स्थल हैं। तीसरा यह कि शहर शांति के लिए जाना जाता है।
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रिजवान से चेतन ने साक्षा की कई खास बातें

चेतन भगत
अमर उजाला के साथ एक खास बातचीत दौरान रिजवान खान ने शेव के दौरान चेतन भगत से हुई अपनी बातों को साझा किया। 19 वर्षीय रिजवान ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले मुझसे मेरा नाम, परिवार और फिर काम के बारे में पूछा।

इसके बाद उनके साथ आए आदमी ने बताया कि यह भारत के जाने माने लेखक चेतन भगत हैं। लेकिन मुझे उनके बारे में कुछ भी नहीं पता था। बातचीत के दौरान जब उन्होंने बताया कि आमिर खान की सुपर हिट फिल्म ‘थ्री इडियट’ इनकी किताब पर बनी है तो मैं चकित रह गया।

सोचा कि इतना बड़ा लेखक मेरी छोटी सी दुकान पर क्यों आएगा? पहले तो मुझे उसकी बातें झूठी लगीं। लेकिन मेरे दिल में थोड़ी घबराहट होनी शुरू हो गई। उन्होंने शेविंग दौरान सेल्फी भी ली और कहा कि मैं हमेशा इसे अपने पास रखूंगा।
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किताब के विमोचन के लिए किया अमंत्रित

19 वर्षीय नाई ​रिजवान
रिजवान खान ने बताया कि वह 20 मिनट तक दुकान पर ठहरे। उन्होंने मुझसे चंडीगढ़ शहर के बारे में पूछा। अपने बारे में बताते हुआ कहा कि मैं दिल्ली से हूं और एलांते मॉल में मेरी किताब का विमोचन होने जा रहा है। अगर आपको टाइम मिले तो जरूर आना। वहां पर एंट्री फ्री है।

जबरदस्ती दिए पैसे
रिजवान खान ने बताया कि जब वे जाने लगे तो मुझसे शेव करने के पैसे के बारे में पूछा। मैंने उन्हें मना कर दिया। लेकिन वे बार - बार मुझसे शेव कराने का शुल्क पूछते रहे तो मैंने बता दिया कि इसके लिए 20 रुपये लेता हूं।  इसके बाद चेतन भगत ने 20 की जगह 100 का नोट मेरे हाथ पर रख दिया और थैंक्यू बोले। उन्होंने मेरे काम की तारीफ की और जाते जाते कहा कि तूने तो मेरे को स्मार्ट बना दिया।

लेखनी का हिस्सा तो नहीं
चेतन भगत अपने इंटरव्यू में हमेशा यह कहते हुए दिखाई देते हैं कि लेखक अपनी कलम के माध्यम से समाज को आइना दिखाने की कोशिश करता है। आइना दिखाने के लिए उसे घूमना पड़ता है और ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलना होता है। शायद एलांते मॉल से कबाड़ी मार्केट तक पैदल जाना, वहां पेड़ के नीचे शेव करवाना जिसके  आसपास ट्रकों की बड़ी लाइन और घोड़े तक थे, उनकी लेखनी का एक हिस्सा हो।
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