अमृतसर। वर्ष 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान पंथ के सम्मान की खातिर भारतीय सेना की नौकरियां छोड़ने वाले धर्मी फौजियों ने शनिवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
आंदोलन का नेतृत्व संगठन के प्रधान बलदेव सिंह ने किया जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन और समर्थक शामिल हुए। धर्मी फौजियों का आरोप है कि 1984 से लेकर आज तक एसजीपीसी ने उन्हें धर्मी फौजी के रूप में मान्यता नहीं दी और न ही रोजगार या किसी सामाजिक एवं आर्थिक सहायता के लिए ठोस कदम उठाए। बलदेव सिंह ने कहा कि हमने गुरु घर और सिख मर्यादा की रक्षा के लिए अपना कॅरिअर दांव पर लगाया लेकिन आज तक हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कई धर्मी फौजी आज आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा झेल रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने एसजीपीसी से मांग की कि धर्मी फौजियों को तुरंत आधिकारिक मान्यता दी जाए, रोजगार योजनाएं बनाई जाएं और प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक सहायता प्रदान की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन उपस्थित फौजियों में एसजीपीसी के प्रति गहरा रोष देखा गया। संवाद