अब नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) के मनोविज्ञानी कोरोना के मरीजों का तनाव दूर करेंगे। इसके लिए विभाग ने सोसायटी के 40 मनोविज्ञानी की अलग-अलग अस्पतालों और सेंटरों में ड्यूटी लगाई है। इसके अंतर्गत रोटेशन के अनुसार वे मरीजों से बात कर उनका तनाव प्रबंधन करेंगे।
इसका खास कारण यह है कि कोरोना के मरीज अपनी बीमारी से ज्यादा संक्रमण के दौरान बढ़ गए मानसिक तनाव से परेशान हैं। किसी को इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं इस संक्रमण से उसकी जान ना चली जाए तो कोई अपने सामाजिक सरोकार को लेकर चिंतित है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है।
टेली कंसल्टेशन पर भी उपलब्ध होगी सुविधा
कोरोना के मरीजों के लिए शुरू की गई इस सुविधा का लाभ जीएमएसएच- 16 के तरफ से जारी टेली कंसल्टेशन नंबर पर भी मिलेगी। इसके लिए मरीज को तय समय में दिए गए नंबर (0172-2752188 ) पर कॉल करना होगा। इसके बाद उसकी मनोविज्ञानी से बात कराने के बाद काउंसलिंग की जाएगी।
पीयू के हॉस्टल 9 व 10 पर विशेष ध्यान
इस सुविधा के अंतर्गत पीयू में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर पर विशेष नजर रहेगी। हॉस्टल नंबर 9 व 10 के सेंटर में भर्ती मरीजों की काउंसलिंग कर उनकी समस्या का का समाधान किया जाएगा। वहां इसके लिए दो डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जो जारी हेल्पलाइन पर परामर्श देने के साथ ही मौके पर ड्यूटी के दौरान उपस्थित भी रहेंगे ताकि जो मरीज उनसे सामने आकर अपनी समस्या बताना चाहे वह कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए उनसे बात कर सके।
कोरोना के पॉजिटिव मरीजों में तनाव की स्थिति को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह व्यवस्था की है। मनोवैज्ञानिक उन मरीजों से बात कर उनका तनाव प्रबंधन का प्रयास करेंगे ताकि वह मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर जल्द से जल्द कोरोना पर विजय हासिल कर सके। -डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच- 16