चंडीगढ़। एयरफोर्स स्टेशन के साथ लगते गांव बहलाना के लोगाें ने सीजफायर के बाद राहत की सांस ली है। पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखला गया। इसका नतीजा यह हुआ कि भारत में ब्लैकआउट हो गया। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच काफी तनाव बढ़ गया। इससे गांव बहलाना के लोग काफी परेशान हुए। हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जाने लगी। यहां के लोग छत पर भी नहीं चढ़ सकते थे।
क्या कहते हैं बहलाना गांव निवासी
दोनों देशों में तनाव बढ़ा तो सर्तक हो गए
जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा तो गांव के लोग सतर्क हो गए। आने-जाने वालों पर नजर रखी जाने लगी। गांव के लोग बैठक कर फैसला लिया कि कोई भी आदमी छत पर नहीं जाएं। -मोहिंदर सिंह, पूर्व सरपंच
लोगों ने नियमों का बेहतरीन तरीके से पालन किया
गांव के पुराने लोग बताते हैं कि पाकिस्तान के साथ जब 1665 और 71 में युद्ध हुआ था तो इसी प्रकार की स्थिति बन गई थी। एयरफोर्स स्टेशन साथ होने के से गांव के लोग चौकन्ने थे। पुलिस प्रशासन ने पूरा ख्याल रखा। लोगों ने भी सभी नियमों का बेहतरीन तरीके से पालन किया।
-जीत सिंह
संकट के समय अजनबियों पर विशेष ध्यान रखा
संकट के समय गांव के सभी लोग एक थे। सभी लोगाें ने बैठक कर तय किया कि सभी लोग अजनबियों पर ध्यान रखेंगे। गांव के सभी किराएदारों को भी कहा कि जो भी लोग मिलने के लिए आएं उनका मोबाइल नंबर और जानकारी जरूरी है।
-रजिंदर कुमार