ड्यूटी डॉक्टर प्रिया ने कहा कि ऑपरेशन के बाद परिजनों से कहा था कि मरीज को पानी नहीं देना है लेकिन वह देते रहे, जब उन्होंने इंजेक्शन लगाया तब तक मरीज को नब्ज काफी धीमी हो चुकी थी। उन्होंने तो मरीज को सिर्फ घबराहट का इंजेक्शन दिया था, उधर हड्डियों के डॉक्टर जसविंदर ने भी कहा कि इंजेक्शन ऐसा नहीं था कि जिसके लगाते ही मरीज की मौत हो जाए। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने कहा कि अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है।
घटना के बाद देर रात पुलिस हंगामा करने वालों को साथ ले गई थी। जब एसीपी सेंट्रल निर्मल सिंह ने उनसे बात की तो परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद एसीपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मौत किसकी लापरवाही से हुई है, अब इसकी जांच तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड करेगा। शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है और एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर और स्टाफ से दुर्व्यवहार करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजीव शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सिविल अस्पताल।