2017 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब के बठिंडा जिले के मौड़ मंडी में हुए बम धमाकों के मामले में इंटरपोल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी डेरा प्रेमी अमरीक सिंह, अवतार सिंह और गुरतेज सिंह के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है। अब आरोपी किसी भी देश में जाएंगे तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
करीब छह साल पहले 2017 में बठिंडा के मौड़ मंडी में ट्रक यूनियन के पास एक चुनावी सभा में बम धमाके में पांच मासूमों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 23 लोग घायल हुए थे। पंजाब पुलिस ने लंबी जांच के बाद साल 2018 में अमरीक सिंह निवासी संगरूर, अवतार सिंह निवासी सिरसा और गुरतेज सिंह निवासी सिरसा पर केस दर्ज किया था।
पुलिस जांच में सामने आया था कि गुरतेज एक वर्कशॉप में काम करता था। उसने हमले में इस्तेमाल की गई कार में विस्फोटक सामाग्री लगाई थी। अमरीक सिंह और अवतार सिंह कुरुक्षेत्र में इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। इन्होंने हमले में शामिल मुख्य संदिग्धों के रूप में बम में इस्तेमाल बैटरी को ठीक करने में मदद की थी।
हालांकि इसी मामले में पटियाला निवासी एक व्यक्ति ने याचिका दायर की थी। उसने कहा था कि इस मामले में जैसे ही डेरा अनुयायियों के नाम सामने आए तो पुलिस की जांच धीमी हो गई। इसलिए मामले की जांच सीबीआई या एनआईए द्वारा करवाई जानी चाहिए। हालांकि इस मामले में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने जनवरी 2020 में बिना किसी को गिरफ्तार किए अदालत में चार्जशीट दायर की थी। आरोपियों की तलाश में पुलिस अब तक 50 से अधिक परिसरों में छापे मार चुकी है लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
यह है मामला
पंजाब में विधानसभा चुनाव के दौरान 31 जनवरी 2017 को तलवंडी साबो हलके से कांग्रेस उम्मीदवार एवं गुरमीत राम रहीम के समधी हरमंदर सिंह जस्सी की मौड़ मंडी में रैली थी। इस रैली में बम धमाकों को अंजाम दिया गया था। इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। धमाके में तीन डेरा प्रेमियों की संलिप्तता सामने आई थी। धमाके में एक कार का इस्तेमाल किया गया था। इस कार की मरम्मत डेरा सच्चा सौदा (सिरसा) के वर्कशॉप में की गई थी।
अवतार सिंह इलेक्ट्रीशियन था। उसने कार में बैटरियां फिट की थीं। धमाके में प्रयुक्त बैटरियां भी सिरसा से ही खरीदी गई थीं। इस मामले में पंजाब पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा के तीन डेरा प्रेमियों को वांटेड घोषित कर चुकी है। उनके पासपोर्ट को भी रद्द किया जा चुका है। अब इंटरपोल ने तीनों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है।