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भारी बारिश के कारण पंजाब में रेड अलर्ट घोषित, सरकार ने सेना को भी तैयार रहने को कहा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 24 Sep 2018 04:11 PM IST
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Capt Amarinder Singh

पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सरकार ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आवास में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक भी बुलाई है। उन्होंने बारिश से हो रहे नुकसान का आंकलन करने को कहा है। वहीं सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को छोटे बच्चों को घर तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।

कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने सेना से भी तैयार रहने को कहा है। सीएम अमरिंदर सिंह ने बारिश को देखते हुए लोगों से 24 घंटों तक घर से ना निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक बहुत जरूरी काम ना हो तो तब तक घर से बाहर ना निकलें। 

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Capt Amarinder Singh
पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सरकार ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आवास में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक भी बुलाई है। उन्होंने बारिश से हो रहे नुकसान का आंकलन करने को कहा है। वहीं सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को छोटे बच्चों को घर तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।

कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने सेना से भी तैयार रहने को कहा है। सीएम अमरिंदर सिंह ने बारिश को देखते हुए लोगों से 24 घंटों तक घर से ना निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक बहुत जरूरी काम ना हो तो तब तक घर से बाहर ना निकलें। 

 आठ माह की बच्ची डूबी, आधे घंटे बाद मिली लाश    

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेंमो
जालंधर में सोढल मेले में आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने के लिए राजस्थान से आए एक परिवार पर बारिश कहकर बनकर टूटी। उनकी आठ माह की बच्ची की बारिश के जमा पानी में गिरने से मौत हो गई। घटना रविवार देर शाम घटी। सीएम कैप्टन अमरिंदर की तरफ से परिवार को 50 हजार की सहायता राशि प्रदान की गई। सोमवार को एडीसी जनरल जसबीर सिंह परिवार से मिले और उनको सहायता राशि का चेक सौंपा। 

 जानकारी के अनुसार राजस्थान से बाबा सोढल मेले में व्यापार करने के लिए पहुंचे एक परिवार ने सोढल रोड पर अपना स्टाल लगाया हुआ था। मोहिंदर और उसकी पत्नी संगीता अपनी माह की बच्ची के साथ ही स्टाल पर थे। बारिश के कारण सड़क पर काफी पानी भर गया था। गटर बंद होने के कारण पानी का स्तर ऊंचा हो गया। रविवार को बच्ची अचानक फिसलकर पानी में जा गिरी। संगीता के मुताबिक, बच्ची सड़क किनारे खड़े गहरे पानी में गिर गई। बच्ची को ढूंढने की कोशिश की तो पता चला कि वह पानी में बह गई थी। करीब एक आधे घंटे बाद बच्ची की लाश मिली। 

गन्ने और धान की फसल को भारी नुकसान की संभावना    

बारिश से जलमग्न धान की फसल
पंजाब के बटाला में बेमौसमी बरसात ने विशेष रूप में धान की फसल और गन्ने की फसल को प्रभावित किया है। जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि इस बेमौसमी बरसात की वजह से क्षेत्र में गन्ने और धान की फसल का नुकसान होने की पूरी संभावना है। बरसाती पानी में डूब जाने की वजह से धान के झाड़ में कमी आएगी । 

वहीं फसल में जरूरत से ज्यादा नमी आएगी जिससे ज्यादा नमी वाली फसल को मंडी में बेचने में दिक्कत आ सकती है। गन्ने के नीचे गिरने से गन्ने के झाड़ और क्वालिटी प्रभावित होगी। जब गन्ने की फसल नीचे गिर जाती है तो उस पर चूहे और अन्य जंगली जीव का हमला होता है और यह गन्ने की फसल का और ज्यादा नुकसान कर देते हैं।  

पटियाला की अन्य नदियां भी उफनाईं, सैकड़ों एकड़ फसल डूबी

पानी से जलमग्न पटियाला
मुख्यमंत्री के गृह जनपद पटियाला में जिले में पिछले तीन दिनों से हो भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घग्गर दरिया का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। इसके अलावा जिले में मारकंडा, टांगरी नदी, मीरांपुर चौ व पटियाला नदी भी उफना गईं हैं। बड़ी नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। जिला प्रशासन ने भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है।  

सुबह से ही बारिश के कारण पटियाला शहर में हर तरफ जलभराव हो गया। गली-मोहल्ले व बाजार नदियों का रूप धारण कर चुके हैं। जिले में घग्गर दरिया, मारकंडा, टांगरी नदी, मीरांपुर चौ व पटियाला नदी खतरे के निशान के नजदीक है। सराला खुर्द के नजदीक घग्गर दरिया का जस्तर 14 फुट तक पहुंच गया है। खतरे का निशान 16 फुट पर खतरे का स्तर है। इसी तरह से टांगरी नदी 12 फुट के स्तर पर बह रही है। मीरांपुर चौ भी उफान पर है।

आज स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

पानी से बर्बाद हुई फसल
कई गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के नेता जगमोहन सिंह ने गिरदावरी कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग सरकार से की है।  चंडीगढ़ से बठिंडा मार्ग के दक्षिणी बाईपास का डकाला रोड नजदीक बड़ा हिस्सा भारी बारिश कारण टूट गया। राघोमाजरा, अनारदाना चौक, माडल टाउन, लीला भवन, रेलवे लाइन, त्रिपड़ी, गुरबख्श कालोनी के साथ के सारे इलाकों में पानी भरा हुआ है। नगर निगम ने पानी की निकासी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। 

जिला प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश के कारण पैदा हुए हालातों के मद्देनजर स्कूलों में सोमवार को सुबह छुट्टी का ऐलान कर दिया। साथ ही मंगलवार को भी छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। मौसम माहिरों की ओर से जारी हाई अलर्ट अनुसार लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत जारी की गई है। खास तौर से बच्चों  को घरों में रहने को कहा गया है। 

एक परिवार दहशत में 
बड़ी नदी सन्नौर रोड पर पुल के नीचे घर बनाकर बैठे गरीब परिवार की प्रशासन ने अभी तक सुध नहीं ली है। रेड अलर्ट जारी होने के बावजूद यह परिवार खबर लिखे जाने तक अपने घर में मौजूद था। घर में रहने वाली बुजुर्ग महिला के मुताबिक वह परिवार के साथ काफी वर्षों से यहां रह रही है। अभी तक प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे ने परिवार की सुध नहीं ली है।

40 साल में पहली बार सितंबर में 200 एमएम बारिश

लुधियाना में हुई मूसलाधार बारिश
लुधियाना में मानसून विदाई लेने से पहले जम कर बरस रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 40 साल में पहली बार सितंबर में इतनी बारिश हुई है। 1996 के बाद पहली बार सितंबर में बारिश का आंकड़ा 200 एमएम के पार पहुंचा है। इसमें पिछले तीन दिन में ही 165 एमएम बारिश हई है। सोमवार को 34 एमएम बारिश दर्ज की गई है। पीएयू के मौसम विशेषज्ञ केके गिल ने बताया कि इस बार मौसम काफी अच्छा रहा है।
 
इससे पहले 1996 में 492 एमएम बारिश हुई थी। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आ रही है। सोमवार को अधिकम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 11 डिग्री कम है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 40 साल से  सितंबर के आखिरी सप्ताह में न इतना कम तापमान रहा और न ही इतनी बारिश हुई। सितंबर में सामान्य बारिश 102 एमएम तक रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी दोपहर तक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। 
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