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Chandigarh News: फाइनल नोट में जिन शिकायतों का जिक्र, उनका रिकॉर्ड मांगा

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चंडीगढ़। एसआईटी ने मृतक एडीजीपी वाई पूरण कुमार द्वारा लिखे फाइनल नोट में जिन शिकायतों का जिक्र है उनका रिकॉर्ड मांगा है। एडीजीपी ने फाइनल नोट में उन शिकायतों का जिक्र किया था जो उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ दी थी। मौत को सात दिन बीतने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को मृतक के परिवार को पोस्टमार्टम करवाने के लिए दूसरी बार फिर रिमाइंडर भेजा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कारणों से मौत की पुष्टि और फाॅरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि देरी से जैविक और बैलिस्टिक सबूत नष्ट हो सकते हैं जिससे जांच प्रभावित होगी। सूत्रों ने बताया कि ऐसे मामलों में परिवार की पोस्टमार्टम न करवाने को लेकर परिवार की सहमति न हो तो पुलिस जिला मजिस्ट्रेट या अदालत का रुख कर सकती है।
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परिजन अब भी सहमति देने से इन्कार कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर और पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को गिरफ्तार किया जाए। दोनों के नाम अधिकारी के कथित सुसाइड नोट में शामिल हैं।

इस बीच चंडीगढ़ से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) 11 अक्टूबर से रोहतक में डेरा डाले हुए है। टीम हरियाणा सरकार से उस एफआईआर से जुड़े दस्तावेज मांग रही है जो 6 अक्टूबर को अधिकारी के गनमैन के खिलाफ दर्ज हुई थी। यही एफआईआर, मृतक अधिकारी की पत्नी और आईएएस अमनीत पी. कुमार के अनुसार, उनके मानसिक तनाव की वजह बनी थी।
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लैपटॉप और पोस्टमार्टम के बीच उलझी जांच
पुलिस पोस्टमार्टम के दौरान विसरा रिपोर्ट लेकर जांच के लिए सेक्टर 36 सीएफएसएल भेजेगी। जिसमें पुलिस को पता चलेगा कि मृतक ने आत्महत्या से पहले क्या खाया था। क्या मृतक ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड का कोई दूसरा तरीका भी अपनाया था। वहीं पोस्टमार्टम न होने से शव डिकंपोज की स्थिति में आ रहा है। फिलहाल पुलिस की जांच लैपटॉप और पोस्टमार्टम के बीच उलझ गई है। बता दें कि कई साल पहले चंडीगढ़ में सेक्टर 16 अस्पताल की मोर्चरी में फ्रिजर खराब होने से कई शव डिकंपोज हो गए थे।
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इस आधार पर चलेगी पुलिस की जांच
जिस लैपटॉप से फाइनल नोट टाइप हुआ उसे कब्जे में लेकर टाइपिंग की जांच की जाएगी।
फाइनल नोट पर किए गए दस्तखत की सीएफएसएल जांच करेगी पुलिस।
लैपटॉप से अगर फाइनल नोट किसी को मेल किया तो किसे किसे किया।
फाइनल नोट कब टाइप हुआ। चूंकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख है और फाइनल नोट पर 7 तारीख।
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