धनतेरस के दिन ग्राहक को कार सौंपते शोरूम प्रबंधक।
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चंडीगढ़। धनतेरस के दिन शहर के आटोमोबाइल सेक्टर की दिवाली मन गई। कार-बाइक की इतनी अधिक बिक्री हुई कि लॉकडाउन के कारण प्रभावित कारोबार को संजीवनी मिल गई। रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के अनुसार शहर में वीरवार को 364 कारें बिकी हैं। एक दिन में कार बिक्री की यह संख्या काफी ज्यादा है।
कारोबारियों का कहना है कि कार की रिकॉर्ड बिक्री का सबसे बड़ा कारण कंपनियों द्वारा दी जा रही आकर्षक छूट और फाइनेंस स्कीम है। दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि इन दिनों कोरोना के चलते हर सक्षम व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत गाड़ी खरीदना चाह रहा है। इसे देखते हुए लोगों ने शुभ दिन के लिए गाड़ी की बुकिंग करा ली थी। कारोबारियों का मानना है कि कार बिक्री की यह संख्या दिवाली के दिन भी जारी रहेगी। धनतेरस वाले दिन कार लेने के लिए लोगों ने नवरात्र के पहले से बुकिंग कर रखी थी। शहर में कार के करीब 44 डीलर हैं। इस साल सभी डीलरों के पास ग्राहकों की कमी नहीं थी। शहर में वीरवार को पांच मर्सिडीज लग्जरी कार की भी डिलीवरी हुई है। इसके अलावा धनतेरस के मौके पर शहर में हुंडई की करीब 75 कारें और टाटा की करीब 35 कारें बिकी हैं। बर्कले ऑटोमोबाइल के एमडी संजय दहूजा ने बताया कि धनतेरस के लिए जिस तरह से कारों की बुकिंग हुई थी, शोरूम में गाड़ियों की कमी पड़ गई है। शुक्रवार सुबह से ही कारों के शोरूम में ग्राहक पहुंचना शुरू हो गए थे। इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा कारें बिकी हैं।
कार डीलर बोले- ये हैं बिक्री में बढ़ोतरी के पांच बड़े कारण
सरकारी कर्मचारियों समेत सैलरी क्लास ने कोरोना के दौर में काफी बचत की है। इसलिए वह पैसा कार खरीदने में इस्तेमाल कर रहे हैं।
कोरोना की वजह से लोगों ने बाइक से ज्यादा कार पर भरोसा जताया है। लोग सुरक्षा की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
कोरोना की वजह से लोगों का सार्वजनिक परिवहन समेत ओला, ऊबर की कैब से विश्वास कम हुआ है। अब हर कोई अपनी कार से ही चलना चाहता है।
बैंकों ने कार लोन लेने की शर्तों में ढील दी है। अब ज्यादा लोगों को कार लोन मिल रहे हैं। इस वजह से भी कारों की बिक्री बढ़ी है।
पिछले कई महीनों से खरीदारी नहीं कर पाए लोगों ने त्योहारी सीजन में आफरों और शुभ मुहूर्त का फायदा उठाया है।