पंजाब में पहले एक दशक तक फरवरी में औसत बारिश होती रही है, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी कुछ ज्यादा रही। बीते फरवरी माह में केवल 0.1 मिली मीटर बारिश हुई, जिसमें माइनस 99 मिमी का बड़ा अंतर देखा गया।
पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों में फरवरी माह में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। यही वजह रही कि फरवरी के मध्य तक पंजाब के शहर तपने लगे और रात के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे कम बारिश होने का रिकॉर्ड 11 साल के बाद दर्ज हुआ है।
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2013 में फरवरी में दर्ज की गई थी सबसे ज्यादा 137.1 मिली मीटर वर्षा
पूरे पंजाब में इससे पहले एक दशक तक फरवरी में औसत बारिश होती रही है, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी कुछ ज्यादा रही। बीते फरवरी माह में केवल 0.1 मिली मीटर बारिश हुई, जिसमें माइनस 99 मिमी का बड़ा अंतर देखा गया। पिछले 11 साल में फरवरी में हुई बारिश का क्रम देखें तो 2013 में 137.1 मिमी, 2014 में 20.3, 2015 में 31.3, 2016 में 6, 2017 में 3, 2018 में 13.3, 2019 में 72.1, 2020 में 7.3, 2021 में 2.7 और 2022 में 22.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस तरह इस साल फरवरी में सबसे कम बारिश हुई, जो एक रिकॉर्ड है।
13 फरवरी को रही सबसे ठंडी रात पर 2012 का रिकॉर्ड नहीं टूट सका
वहीं, इस बार 13 फरवरी को पंजाब के तीन शहरों अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में सबसे ठंडी रात रही, लेकिन इस दौरान 2012 का रिकॉड नहीं टूट सका। इस बार इन तीनों शहरों का न्यूनतम तापमान क्रमश: 3.6, 7.4 और 5.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 2012 में इसी दिन अमृतसर का न्यूनतम तापमान मानइस 0.3, लुधियाना का 2.7 और पटियाला का 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. मनमोहन शर्मा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में इस बार फरवरी में सबसे कम बारिश का रिकॉड बना है। इस बार सबसे कम 0.1 मिली मीटर बारिश हुई।