हुड्डा सरकार ने हरियाणा के सिखों के साथ धोखा किया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के बाद बनाई गई मैनेजमेंट के 41 सदस्यों में से कांग्रेस ने 25 डमी सदस्य बना दिए हैं।
ये सदस्य केवल कांग्रेसी हैं और इनकी सोच भी कांग्रेसी है। ये सिखों के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं न ही उनकी आवाज को उठा रहे हैं। इसीलिए उनको हटाया जाएगा।
पूरी मैनेजमेंट कमेटी दोबारा से बनाई जाए, इसकी मांग हम मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से करेंगे। चूंकि भाजपा सरकार सदा ही सिखों की हितैषी रही है।
यह बात हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट प्रबंधक कमेटी के युवा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंद्र सिंह ने विकास भवन में एचएसजीएमसी और सिख संगत की बैठक के दौरान कही।
अमरिंद्र सिंह ने कहा कि लोकसभा में 9 सीटें हारने के बाद हुड्डा को एचएसजीपीसी के गठन की सूझी। गठन भी हुआ और 41 सदस्यों की हुड्डा ने मैनेजमेंट कमेटी भी बनाई, लेकिन हुड्डा ने एचएसजीपीसी को इसकी सेवा संभाल का जिम्मा नहीं दिया।
जब इसकी बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद देंगे। इससे साफ था कि वे सिखों को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे। इसीलिए सिखों ने चुनावों से पहले भाजपा का साथ दिया।
मक्कड़ पर लगाए लोगों को गुमराह करने के आरोप
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सहित कई अन्य सदस्यों ने एसजीपीसी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी को भंग करना निराधार है।
यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और उन्हें विश्वास है कि कोर्ट में उनकी सुनवाई होगी। साथ ही मीरी-पीरी कॉलेज शाहाबाद की एनओसी के मामले में मक्कड़ ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी है कि वह भी हरियाणा की ही धरोहर है, जिसका प्रबंधन हरियाणा की प्रबंधक कमेटी द्वारा ही होना चाहिए न कि पंजाब की।
हुड्डा के साथ सांठ-गांठ के लगाए आरोप
बैठक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष व अन्य सिख संगत ने मैनेजमेंट के करीब 25 सदस्यों पर हुड्डा के साथ सांठ-गांठ के आरोप लगाए। पूछे जाने पर कि किस तरह की सांठ-गांठ अमरिंद्र ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह समय आने पर ही बताएंगे।
सिख धरने को बताया पॉलिटिकल स्टंट
इस दौरान हरियाणा में सिखों की रिहाई के लिए चल रहे धरने-प्रदर्शन को पॉलिटिकल स्टंट बताया गया। चूंकि हरियाणा कि जेल में एक भी सिख बंद नहीं है, जिसने सजा काट ली हो और फिर भी जेल में बंद हो।
ऐसे में हरियाणा में धरने-प्रदर्शन करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। बैठक में कहा गया कि गुरबख्श सिंह खालसा की मांग सही है लेकिन हमें यह भी सोचना पड़ेगा कि हमारा कोई इस्तेमाल न करे। इस प्रश्न पर बैठक में काफी बहस भी हुई।
कुछ सिख साथियों ने कहा कि धरना-प्रदर्शन तो कोई कहीं भी कर सकता है और यह हरियाणा और पंजाब व अन्य प्रदेश का मामला न होकर सिख पंथ का मामला है। यदि कोई पॉलिटिकल तरीके से इस्तेमाल के लिए हमारा प्रयोग करना चाहता है तो यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
एक जनवरी को लखनौर साहिब में इकट्ठा होने की बात
बैठक के दौरान एक युवा सिख साथी ने बताया कि प्रदेशभर के सभी युवा सिख साथी एक जनवरी को लखनौर साहिब में इकट्ठा होंगे जो सिखों की रिहाई के लिए रणनीति बनाएंगे। इस पर प्रदेशाध्यक्ष ने उनके सवालों के जवाब दिए और उन्हें संतुष्ट कराते हुए पॉलिटिकल लोगों के फरेब से बचने का उनसे निवेदन किया।
कुरुक्षेत्र और करनाल में एचएसजीपीसी का कार्यालय बनाने की मांग
एचएसजीपीसी का अपना कोई कार्यालय नहीं है और न ही कोई ऐसी जगह है जहां वे बैठक कर सकें। इसके लिए सिख संगत कुरुक्षेत्र या करनाल में 1000 गज का प्लाट लेकर कार्यालय बनाने की मांग करेगी।