निजाम बदलने के साथ ही हरियाणा की अफसरशाही भी बदल गई है। वाड्रा लैंड डील मामले में गठित जांच कमेटी के फैसले पर राजस्व विभाग ने सवाल खड़ा कर दिया है। लिहाजा राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर अगर सरकार ने संज्ञान लिया तो इस मामले में गठित जांच कमेटी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
राजस्व विभाग ने रिपोर्ट में सिफारिश की है कि सरकार को जांच गठित कमेटी से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी शिकोहपुर (गुड़गांव) के मामले में तथ्यों को नजरअंदाज क्यों किया गया जबकि वाड्रा की कंपनी के पास सरप्लस जमीन थी।
जांच कमेटी की रिपोर्ट पर राजस्व विभाग के रुख के बाद अब मौजूदा सरकार तय करेगी कि कमेटी की रिपोर्ट अमल करने योग्य है या नहीं। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गठित इस कमेटी में तीन आईएएस अधिकारी हैं। कमेटी की अध्यक्षता वर्तमान में सेवानिवृत्त हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस कृष्ण मोहन कर रहे थे।