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'आप' की बगावत पहुंचेगी केजरीवाल के दरबार, नेताओं के सख्त तेवर

Fri, 12 Aug 2016 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जालंधर के प्रेसवार्ता करते आप के कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में बगावत का माहौल गरमाए जा रहा है। मामला अब केजरीवाल के दरबार में पहुंचेगा। टिकट वितरण से नाराज सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल से मिलने को समय मांगा है। जिसमें वह टिकट वितरण के बाद वॉलंटियरों में नाराजगी के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी देंगे।
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पंजाब के कुछ हलकों में उम्मीदवारों के एलान के बाद नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, पार्टी ने भी सख्त तेवर अपना लिए हैं। साहनेवाल से प्रत्याशी हरजोत बैंस की मुखालफत करने वाले तीन पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। इनमें फतेहगढ़ साहिब के यूथ विंग के जोनल इंचार्ज जगवीर सिंह जग्गी, ट्रेड विंग के वाइस चेयरमैन दलजिंदर सैनी और साहनेवाल हलके के इंचार्ज अजय पनेसर शामिल हैं।

इन्हें फतेहगढ़ साहिब के जोनल इंचार्ज वरिंदर खारा ने तीन महीने केलिए सस्पेंड किया है। कुछ वॉलंटियरों ने पार्टी दफ्तर के बाहर बैंस वापस जाओ के नारे लगाए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पनेसर खुद टिकट के दावेदार भी थे। दिलचस्प बात यह है कि पार्टी संविधान के मुताबिक जोनल इंचार्ज को अपने तौर पर किसी को सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है।
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सुच्चा सिंह ने कहा, मामले की कोई जानकारी नहीं

अमृतसर में लोगों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा कि उन्होंने किसी को सस्पेंड नहीं किया है। न ही उन्हें इस बारे में कोई जानकारी है। अगर कहीं से भी कोई वॉलंटियर उन्हें अन्याय के बारे में बताएगा तो वह केंद्रीय नेतृत्व तक बात पहुंचाएंगे। इसीलिए उन्होंने केजरीवाल से मिलने का समय मांगा है। छोटेपुर ने केजरीवाल की ओर से खुद पंजाब की कमान संभालने का स्वागत किया।

नहीं मिला कोई नोटिस : पनेसर
पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सस्पेंड किए गए अजय पनेसर ने कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। वह बाहर हैं, सिर्फ पता चला है कि जोनल इंचार्ज वरिंदर खारा ने तीन माह केलिए सस्पेंड कर दिया है। लौटने पर वह सीनियर नेताओं से इसका कारण पूछेंगे। क्योंकि वह तो वॉलंटियरों के रोष प्रदर्शन में थे ही नहीं। पनेसर ने कहा कि वॉलंटियरों की मांग है कि उम्मीदवार स्थानीय हो, लेकिन पार्टी ने चयन में प्रक्रिया की भी अनदेखी कर दी।
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