फतेहगढ़ साहिब की एसएसपी अमनीत कौंडल की बेटी अयशा महज तीन साल की है। अमनीत के पति आईएएस अधिकारी गिरीश दयालन मोहाली के डिप्टी कमिश्नर हैं। दोनों पति-पत्नी के कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अमनीत कौंडल भी मां की दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं। रोजाना 24 में से 18 घंटे वह ड्यूटी कर रही हैं और बचा हुआ समय बेटी को दे रही हैं।
इलाके में कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ गरीबों तक राशन पहुंचाना है। अमनीत कहती है कि बेशक एक मां हूं, लेकिन इस समय मेरा फर्ज सबसे ऊपर है। लगातार 45 दिन से अधिक का समय लॉकडाउन व कर्फ्यू को बीत चुका है, पुलिस व मेडिकल स्टाफ फ्रंटलाइन पर है। कोरोना को किसी तरह से रोकना है और इसके लिए वह दिन भर मैदान में रहती हैं। दिल तो काफी करता है कि बेटी के साथ वक्त बीता सकूं लेकिन इस समय वर्दी का फर्ज सबसे अहम है, जिसको निभाना है।
जालंधर की पार्षद अरुणा अरोड़ा की तारीफ हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इंस्टाग्राम पर की है, जबकि अमृतसर से विधायक रह चुकीं नवजोत कौर सिद्धू ने भी की है। अरुणा अरोड़ा की फेसबुक पर पोस्ट को लगातार शेयर कर नवजोत कौर सिद्धू ने उनकी पीठ थपथपाई और सबको प्रेरणा दी है कि इस कोरोना संकट की घड़ी में मैदान में आकर ऐसे काम करो। अपने क्षेत्र को अपना परिवार समझो।
अरुणा अरोड़ा दिन में नौ घंटे अपने इलाके में रोजाना सैनिटाइजेशन करवाती हैं और अपने इलाके के गरीब बच्चों को दूध व राशन पहुंचाती हैं। बेटा अंशुल अरोड़ा बेशक बालिग हो चुका है, लेकिन कहती है कि बेटा तो मेरा आजकल इस बात से नाराज है कि जब से कोरोना फैला है, आप बिल्कुल वक्त नहीं देती हो। लेकिन मैं एक मां के साथ-साथ अपने इलाके में रहने वाले तमाम बच्चों की भी मां हूं।
उनके प्रति अब मेरा फर्ज अधिक है। एक मां पर क्या बीतती होगी, जब उसका बच्चा भूखा सोता होगा या दूध नहीं मिलता होगा। बस यह सोचकर फर्ज निभाती हूं कि यह सब मेरे बच्चे हैं। मुझे तो यह भी याद नहीं है कि मदर्स डे आ गया है। खैर सभी माओं को मेरी तरफ से बधाई।