पटियाला में मुफ्त बस को किया रवाना।
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बस से उतरी पलक आहुजा कहती हैं कि ‘यह फैसला काफी अच्छा है लेकिन इस फैसले से पंजाब सरकार का काफी राजस्व लग जाएगा, जिसके कारण जो अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं हैं वो पूरी नहीं हो पाएंगी। मोहाली से पटियाला बस से जा रही कांता रानी ने कहा कि ‘यह फैसला महिलाओं के लिए काफी अच्छा है।
राजपुरा से भाजपा नेत्री निशा रानी ने सरकार के इस फैसले पर कहा कि पंजाब में बिजली के दाम कम करने की जरूरत थी न कि महिलाओं के बस किराए को माफ करने की। अब जब दस महीने बाद चुनाव हैं तो पंजाब सरकार यह एक नया खोखला वादा कर रही है।
अमृतसर में इस फ्री बस सेवा का उद्घाटन जिलाधीश गुरप्रीत सिंह खैरा ने किया। डीसी खैरा ने बस स्टैंड पहुंच कर रोडवेज की एक बस को हरी झंडी दिखाकर बटाला के लिए रवाना किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने बताया कि अमृतसर जिला में 99 अलग-अलग स्थानों पर मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई स्कीम के बारे में लोगों ने वर्चुअल जानकारी ली है।
पंजाब के हर व्यक्ति को पता है कि यह साल चुनावी साल है। कैप्टन सरकार ने सत्ता में आने से पहले जितने भी वादे किए थे, एक भी पूरा नहीं किया है। अब जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, वैसे लोगों को इस तरह के फायदे देने की कोशिश की जा रही है। अगर मुफ्त सफर की सुविधा देनी ही है, तो केवल सरकारी में क्यों। निजी बसों में भी इस सुविधा को दिया जाना चाहिए। पुष्पिंदर सिंघल, प्रधान जिला भाजपा, लुधियाना।
लुधियाना में मुफ्त बस की टिकट दिखाती महिला।
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सरकार के पहले नोटिफिकेशन के अनुसार मोहाली तक का सफर फ्री था। इसके आगे चंडीगढ़ जाने के लिए पैसा लिया जाना था। सरकार की तरफ से 3.30 बजे मैसेज मिला है कि महिलाओं को चंडीगढ़ तक का सफर फ्री रहेगा। अब मोहाली के आगे कोई पैसा चंडीगढ़ जाने का नहीं लिया जाएगा।’ रछपाल सिंह, जीएम पंजाब रोडवेज लुधियाना।
महिलाओं को फ्री में सफर करने का फैसला ठीक है लेकिन सवाल यही है कि यह पंजाब में रहने वाली हर महिला पर लागू होना चाहिए। इस समय लुधियाना में दो लाख से ज्यादा महिलाएं अन्य प्रदेशों से आकर काम कर रही हैं। काफी संख्या में महिलाओं के पास पंजाब का कोई पहचान पत्र नहीं है। ऐसे में इन महिलाओं को यह सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार को चाहिए कि उन्हें भी मुफ्त में सफर करने की अनुमति दें। एएन मिश्रा, प्रधान अखिल भारतीय पूर्वांचल विकास परिषद, लुधियाना।
बीबीआं दा किराया फ्री की आवाजों से गूंजा जालंधर का बस स्टैंड
उधर, जालंधर बस स्टैंड पर अलग ही नजारा देखने को मिला। जालंधर के बस स्टैंड पर सरकारी बस वाले बीबीआं दा किराया फ्री की आवाज लगाते दिखाई दिए। सरकारी बस के कंडक्टर बस स्टैंड पर आवाज लगा रहे थे कि आ जाओ, बीबीआं दा किराया फ्री ए, बीबीआं दा किराया फ्री है। इस दौरान बस वाले यह आवाज भी लगा रहे थे कि सफर करने वाली महिलाएं अपना आधार कार्ड या पैन कार्ड भी साथ जरूर रखें।
बस में सफर करने वाली कुछ महिलाएं तो सरकार के इस फैंसले से खुश नजर आईं लेकिन कुछ महिलाओं ने किराए को माफ करने के बजाय सरकार से कुछ और ही मांग कर डाली। इन महिलाओं का कहना है कि बस का किराया मुफ्त करने से पंजाब के खजाने पर और बोझ पड़ेगा।
महिला यात्री किरण बाला ने कहा कि सरकार के इस फैंसले से मंहगाई की मार आम आदमी पर पड़ेगी। बस का किराया फ्री करने से पंजाब के खजाने पर बोझ पड़ेगा व आखिरकार इस घाटे की वसूली आम आदमी से ही होगी। इसलिए मैं इस फैंसले से खुश नहीं हूं।
प्रेरणा शर्मा का कहना है कि बस में सफर फ्री करने से कुछ नहीं होगा। सरकार को हमारे बच्चों के लिए रोजगार का प्रबंधन करना चाहिए। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और मंहगाई दिन प्रतिदिन आसामान छू रही है। सरकार को अगर राहत देनी है तो इस मंहगाई से हमें राहत दे। बस का 200 रूपए का किराया माफ करने से किसी तरह का भला पंजाब और पंजाब वासियों का होने वाला नहीं है।
1.31 करोड़ महिलाओं को होगा लाभ : खेलमंत्री
खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने महिलाओं को मुफ्त सफर वाली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेशभर की लगभग 1.31 करोड़ महिलाओं को लाभ होगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह लगभग 85 वादे पूरे कर चुके हैं। जबकि इस साल बाकी के वादे भी पूरे कर देंगे। पंजाब सरकार नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दे रही है, जबकि सरकार ने पंचायत चुनावों में महिलाओं को पचास फीसदी का कोटा दिया है।