एक तो पहले ही चंडीगढ़ से अंबाला के बीच रेलवे ट्रैक पर पांच यू कर्व (घुमाव) हैं, जो सेमी हाई स्पीड ट्रेन की राह में रोड़ा बने हुए हैं। इतने घुमाव होने के कारण 90 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाना मुश्किल है। दूसरी ओर, इस तरह की लापरवाही वेल्डिंग के दौरान की जाएगी तो यह घातक साबित हो सकती है। यदि तीव्र गति से दौड़ती ट्रेन का निचला हिस्सा लोहे के इस टुकड़े से टकरा जाए तो हादसे की कल्पना ही की जा सकती है।
कैसे खतरनाक हो सकता है यह लोहे का टुकड़ा
विशेषज्ञ का कहना है कि बेशक इसके साथ वाले ट्रैक से ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन फासला मात्र दो से ढाई इंच का होता है। अगर ट्रेन की रफ्तार तेज है निचला हिस्सा दबेगा। इंजन और डिब्बों के नीचे कई मशीनरी पुर्जे जुड़े होते हैं। यदि कोई लटका हुआ पार्ट इस लोहे के टुकड़े में फंस गया तो ट्रेन पटरी से उतर सकती है।
इस मामले की शिकायत ट्विटर पर मिली थी। मौके पर जाकर जांच के लिए इंजीनियरिंग विभाग को ट्वीट कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक पर खामियां पाने जाने पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। - जीएम सिंह, डीआरएम अंबाला।