सरकार ने आम लोगों से किया धोखाः राजा वड़िंग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि आप सरकार के बजट में हर चीज को घुमा-फिराकर सबको बेवकूफ बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि बहनें-बेटियां 1000 रुपये का इंतजार कर रही थीं, जिस पर सरकार ने पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलाव की बातें कर आप सरकार ने पंजाब के लोगों को बजट के नाम पर धोखा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाली आप सरकार का यह दूसरा बजट था। सरकार को एक पूरा साल मिला फिर भी यह बजट फ्लाप शो साबित हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार अगर बजट में लोगों के लिए कुछ नहीं ला सकी तो यह सरकार की बड़ी असफलता है।
लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी सरकारः बाजवा
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि आप सरकार के बजट पर हर वर्ग की नजरें थी कि हमारे लिए कुछ न कुछ बढ़िया आएगा लेकिन सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अपने चुनाव मेनिफेस्टो में किए वादों के अनुसार न तो महिलाओं को 1000 रुपये दिए और न ही किसानों के लिए कोई बड़ा एलान किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है और यह बजट 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' से ज्यादा कुछ नहीं है।
बजट को सीरियस नहीं लिया जा सकता है
पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी का बजट बातों में लंबा, कार्यवाही में छोटा दिखा। इस बजट को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। पंजाबी लोग इतने भी मूर्ख नहीं है कि वह अपना नफा नुकसान न जान पाए। हालांकि जितनी जल्दी वह समझ जाएंगे वह अच्छा होगा। बजट में विश्वसनीयता और पारदर्शिता की भारी कमी दिखी। कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की गई, जिस पर पंजाब के लोग गर्व कर सकें।
न लोगों को कुछ मिला, न राजस्व जुटा सकी सरकारः खैरा
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने बजट पर कहा कि जब बजट के आंकड़े सामने आए तो पता लगा कि आप सरकार का बजट केवल खाली लिफाफा ही है। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी गारंटियां देने वाले अपने वादों से पीछे हट गए हैं। न महिलाओं से किया वादा पूरा किया गया और न ही पंजाब के विकास के लिए राजस्व जुटाया जा सका है। उन्होंने कहा कि आप नेता अपने उन शब्दों का सम्मान करें जो उन्होंने वादों के रूप में पंजाब के लोगों से कहे थे। खैरा ने कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि अगर माइनिंग से सालाना 20 हजार करोड़ रुपये की आमदनी न हुई तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि एक साल में सरकार न दावों के अनुसार राजस्व नहीं जुटा सकी।