चंडीगढ़ के निजी और सरकारी स्कूल 18 अक्तूबर से पूरी तरह बिना किसी पाबंदियों के खुल जाएंगे। प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थी लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय के बाद स्कूलों में आएंगे। इसे लेकर निजी स्कूल संचालकों ने यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल से मुलाकात कर छोटे बच्चों के घर बैठने पर उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास में आई रुकावटों पर चर्चा की और स्कूल पूरी तरह से खोलने की मांग रखी। विभाग की ओर से गुरुवार तक इसके निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि स्कूल संचालकों और प्रमुखों से स्कूलों को पूरी तरह से खोलने को लेकर बैठक की गई थी। कोविड-19 के नियंत्रण की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को पूरी तरह से बिना किसी पाबंदियों के खोला जा रहा है।
सभी कक्षाओं की अब स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं लगेंगी। स्कूलों के अंदर सामाजिक दूरी, सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था का ध्यान स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी होगी। उच्चाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद 18 अक्तूबर से स्कूल खोलने का फैसला लिया गया है।
घर में बच्चों का नहीं हो रहा मानसिक विकास
बच्चों को घर बैठे हुए डेढ़ वर्ष से अधिक का समय हो गया है। घर में बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण स्क्रीन समय भी बढ़ गया है, जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। हम स्कूल खोलने का समर्थन करते हैं, क्योंकि उच्च कक्षाओं को खुले हुए काफी लंबा समय हो गया है अब तक किसी भी तरह की कोविड-19 की कोई शिकायत नहीं मिली है। शहर में कोरोना महामारी भी नियंत्रण में हैं, इसलिए अब सभी कक्षाओं को स्कूल बुलाकर सामान्य तरीके से पढ़ाया जाना चाहिए।
-अधिवक्ता नितिन गोयल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ अभिभावक संघ