चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-35 के कांग्रेस भवन में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में कांग्रेस प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे। पार्टी के नेताओं के साथ वीरवार को रावत की पहली बैठक थी। पार्टी के नेताओं ने इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पर जोदरार हमला बोला। नेताओं ने कहा कि पार्टी की हार पर हार हो रही है, लेकिन इसके लिए कोई बैठक नहीं बुलाई गई। हार की जिम्मदारी किसकी होगी, यह तो तय होना चाहिए। यह भी होना चाहिए कि किस कारण जीत से चूक गए।
एचएस लक्की, देवेंद्र सिंह बबला, पवन शर्मा और सुभाष चावला ने अपने विचार रखे। जब पवन शर्मा बोल रहे थे तो प्रदेश महासचिव संदीप भारद्वाज ने पूछा कि आपने पार्टी के लिए क्या काम किया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने संदीप भारद्वाज को चुप रहने को कहा। पवन शर्मा इशारों ही इशारों में प्रदीप छाबड़ा पर खूब हमला बोला। जानकारी यह भी बताते हैं कि प्रदीप छाबड़ा और सीडब्ल्यूसी के महासचिव प्रशासन और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल के साथ रिश्तों में खटास भी आ गई है।
बैठक में जब प्रदीप छाबड़ा के विरुद्ध जब नेता बोल रहे थे तो छाबड़ा ने रावत के सामने कह दिया कि उनके लिए पार्टी के नेता व कार्यकर्ता वही हैं जो गत छह वर्षों से उनके साथ खड़े हैं। पार्टी के संघर्षों में उनके साथ गए और पुलिस की लाठियां खाईं। पार्टी के नेताओं की सभी बातें सुनने के बाद हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर नगर निगम चुनाव की तैयारी में लग जाने का आह्वान किया। पूर्व महापौर व पार्टी के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला ने तो हरीश रावत से निवेदन किया कि वे साथ में बैठकर कायकर्ताओं से बात करें। माइक पर सभी बातें नहीं हो सकती हैं। अकेले में कार्यकर्ताओ से मिलेंगे तो सभी चीजें साफ हो जाएंगी।
बंसल ने नहीं ली शॉल
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने नेताओं के स्वागत के लिए शॉल मंगवाई थी। कांग्रेस प्रभारी ने तो इसे स्वीकार कर लिया लेकिन जब वह पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल को सम्मानित करने लगे तो उन्होंने कहा कि अतिथि का स्वागत कीजिए। इसकी भी चर्चा जोरों पर है।