यूटी प्रशासन ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में घर के अंदर चल रही बेकरी की दुकानों पर लगाम लगाने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने शुक्रवार को ऐसी 26 बेकरियों को सीज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि इन दुकानों के पास न तो लाइसेंस है और न ही साफ-सफाई। पूरे देश में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है, ऐसी दुकानें लोगों के लिए खतरनाक बनी हुई हैं।
प्रशासन की तरफ से जारी नोटिस में पूछा गया है कि इन बेकरियों में गंदे खाद्य पदार्थ बनाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई विभागों से एनओसी न होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के सेक्शन 56 और 63 के तहत इन्हें चालान भी जारी किए गए हैं।
बुधवार को शास्त्री नगर एरिया के हेल्थ इंस्पेक्टर की अगुवाई में टीम ने बेकरियों पर चेकिंग की थी। इस दौरान दो ट्रक पेटीज के जब्त कर नष्ट किए गए थे। टीम ने पाया था कि ये खाद्य पदार्थ गंदे हालात में यहां बन रहे थे। इन बेकरियों के पास संबंधित अथॉरिटी की ओर से फूड लाइसेंस भी नहीं है।
नोटिस में डायरेक्टर हेल्थ व फूड सेफ्टी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के उस पत्र का भी हवाला दिया गया जिसमें कहा गया है कि इन बेकरियों के यूनिटों के पास चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी नहीं है।
25 मार्च को सुनवाई के लिए बुलाया
एसडीएम ईस्ट सुधांशु गौतम के आफिस की ओर से नोटिस में तुरंत प्रभाव से अवैध बेकरियों को बंद करने को कहा गया है। बेकरी मालिकों को 25 मार्च को दोपहर 1 बजे एसडीएम कोर्ट में पेश होने का भी आदेश दिया गया है। यहां बता दें कि शास्त्री नगर में चल रही इन अवैध बेकरियों में न तो फायर एग्जिट है और न ही सेफ्टी के कोई अन्य प्रावधान। नीचे बेकरियां चल रही हैं जबकि ऊपर तीन-तीन मंजिला मकान भी बने हैं।