रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) में दिन के समय तीन डॉक्टर तैनात रहते हैं, जबकि शाम 5 बजे के बाद दो डॉक्टर हो जाते हैं। एक दिन में जीएमसीएच-32 में 500 के करीब फोन आते हैं। ज्यादातर फोन जानकारी लेने के लिए होते हैं। हालांकि जिन मरीजों को तुरंत देखने की जरूरत होती है तो उन्हें वीडियो कॉल किया जाता है। इसके बाद अगर अस्तपाल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है तो एंबुलेंस भेजकर बुलाया जाता है।
डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना के मरीजों के बढ़ने के बाद बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर आदि की पूछताछ के लिए भी कॉल आ रही हैं। अन्य राज्यों से भी कॉल करने वाले मरीजों की सहायता की जाती है। उन्हें दवाइयां बताई जाती हैं और अगर मरीज गंभीर अवस्था में होता है तो उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। देश में इस समय धरती पर ‘भगवान’ का दर्जा हासिल कर चुके इन डॉक्टरों की सेवा भावना की हर तरफ तारीफ हो रही है। खुद और अपने परिवार की चिंता छोड़ कर डॉक्टर जी-जान से दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं।
जीएमसीएच-32 हेल्पलाइन की मदद के लिए इन नंबरों पर करें कॉल
- 9646121511
- 0172-2501303
- 9646121642
वीडियो कॉल नंबर
होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमितों की बेहतर देखभाल के लिए वीडियो कॉल की सुविधा शुरू की है। इसका बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है। डॉक्टर व अन्य स्टाफ दिन-रात मेहनत कर लोगों की सहायता कर रहे हैं। - यशपाल गर्ग, सीईओ सीएचबी व जीएमसीएच-32 इंचार्ज