पीड़िता के परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए
छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप के मामले में अब एसआईटी पीड़िता और आरोपियों के व्हाट्सअप और फेसबुक अकाउंट भी खंगालेगी। इन अकाउंट की मदद से एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों और पीड़िता के संपर्क में कौन-कौन लोग थे? एसआईटी फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भिवानी में भी छापेमारी कर रही है।
इधर, वारदात के नौ दिन बाद भी पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं हो सके। बयान लेने पीजीआई पहुंची डीएसपी को परिजनों ने यह कहकर लौटा दिया कि छात्रा अभी बयान देने की स्थित में नहीं है। एसआईटी ने बृहस्पतिवार को रिमांड पर चल रहे तीनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कार और शराब की बोतलों को बरामद करने का कोशिश की।
हालांकि एसआईटी को सफलता नहीं मिल सकी। आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह नकार रहे हैं। डीएसपी पुष्पा खत्री ने भी कोर्ट में आरोपियों का रिमांड लेते हुए कहा था कि पीड़िता ने अपने बयानों में कार की बात कही है। इस कारण कार बरामदगी के लिए रिमांड चाहिए।
आरोपियों की लोकेशन से मैच होगी पीड़िता के मोबाइल की लोकेशन
आरोपियों के परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की लोकेशन के आधार पर दावा
एसआईटी ने वारदात वाले दिन पीड़िता और आरोपियों की लोकेशन को मैच करने की तैयारी कर ली है, ताकि यह साफ हो सके कि वारदात के समय पीड़िता और आरोपी शहर के किस हिस्से में थे। इतना ही नहीं, दोनों पक्षों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
कॉल डिटेल के माध्यम से एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि पीड़िता और आरोपियों की पिछले दिनों मोबाइल पर किस-किस से बात हुई। वारदात वाले दिन पीड़िता और आरोपियों ने अपने मोबाइल से अंतिम बार किससे बात की।
मुख्यालय और आयोग को दी जा रही पल-पल की रिपोर्ट
मामले के हाई प्रोफाइल होने के बाद एसआईटी की सिरदर्दी भी बढ़ गई है। अब एसआईटी को मामले की पल-पल की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय, डीजीपी ऑफिस और कई आयोगों को भेजनी पड़ रही है ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर आईजी रोहतक रेंज और एसपी को भी अपडेट दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी मामले पर पूरी नजर रखे हुए है।
डीएसपी फिर पहुंची पीजीआई, नहीं हो सके 164 के बयान
रोहतक गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के नौ दिन बाद भी एसआईटी पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं कर सकी है। जांच अधिकारी डीएसपी पुष्पा खत्री बृहस्पतिवार को भी पीड़िता के बयान दर्ज करने पीजीआई पहुंची थी। यहां करीब एक घंटे रुकने के बावजूद पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं हो सके। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि वह अभी बयान देने में सक्षम नहीं है।
फिलहाल आरोपियों के संबंध को लेकर ज्यादा जांच-पड़ताल की जा रही है। सोशल मीडिया की गतिविधियों के बारे में पता करना जांच का हिस्सा है। इस पर काम किया जा रहा है। अभी तक आरोपियों से कार बरामद नहीं की गई है। दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- राकेश आर्य, एसपी रोहतक