पंजाब की औद्योगिक नगरी महानगर लुधियाना में नाबालिग सुरक्षित नहीं है। नाबालिगों से दुराचार के मामले लगातार बढ़ रहे है। पिछले सवा साल के दौरान 110 के करीब बच्चियों को हवस के भूखे लोगों ने अपना शिकार बना लिया। हालांकि ज्यादातर मामलों में पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बच्चियों के साथ दुराचार के मामले बढ़ने का एक बड़ा कारण नशा माना जा रहा है। इन वारदातों को उनके पड़ोसियों या फिर उनके पहचान वालों ने ही अंजाम दिया है। एक कारण यह भी है कि बच्चियों के परिजन अपने काम पर चले जाते हैं। इस पर पड़ोसी या फिर कोई पहचान वाला उन्हें शिकार बना लेता है। पुलिस इन मामलों को रोकने के लिए नई रणनीति बना रही है।
इन इलाकों में नाबालिग बच्चियों से रेप ज्यादा
नाबालिग बच्चियों के साथ दुराचार के मामले ज्यादातर स्लम एरिया ढाबा, शिमलापुरी, फोकल प्वाइंट, मोती नगर, डिविजन सात के इलाके, बस्ती जोधेवाल के साथ साथ थाना सलेम टाबरी के इलाके के है। इन इलाकों में ज्यादातर प्रवासी लोग रहते है। यह रोजी रोटी के चक्कर में विभिन्न प्रदेशों से आकर बसे हैं।
अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने के लिए और घर का खर्च चलाने के लिए नाबालिग बच्चियों के माता-पिता दोनों ही काम पर चले जाते है। इसके बाद नाबालिग बच्चे घर अकेले रह जाते है। इस का फायदा उठा कर उनके पड़ोसी या फिर बेहड़े में रहने वाला जानकार उनके साथ दुराचार की वारदात को अंदाम दे देता है। वह उन्हें टॉफी या फिर कोई अन्य वस्तु दिलाने का झांसा देकर ले जाता है और दुराचार कर फरार हो जाता है।
घटनाएं बढ़ने से पुलिस भी है काफी चिंतित
लड़के के साथ कुकर्म
- फोटो : demo pic
नाबालिग बच्चियों के साथ दुराचार की वारदातों के बढ़ने से पुलिस भी काफी चिंता में है। पुलिस ने इन वारदातों को रोकने के लिए एक नई योजना तैयार की है। पुलिस जिन इलाकों में बच्चियों के साथ दुराचार के मामले बढ़ रहे हैं, उन इलाकों में पुलिस आंगनबाड़ी स्कूलों की तर्ज पर क्रच खोलने जा रही है।
इनमें पुलिस विभाग की तरफ से एक मुलाजिम, इलाके की एक महिला के साथ अन्य स्टाफ को रखा जाएगा। क्रच में खेल कूद का सामान भी रखा जाएगा। यहां उन नाबालिग बच्चों को रखा जाएगा, जिन के परिजन रोजी रोटी कमाने के चक्कर में काम करते हैं।
स्लम इलाकों में पुलिस सुरक्षा के इंतजाम करेगी : डीसीपी
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ध्रुमण निंबले ने कहा कि नाबालिग बच्चों के साथ दुराचार के मामले ज्यादातर स्लम इलाकों में ही हो रहे है। यह वारदातों को पड़ोसी या फिर कोई जानकार करता है। पुलिस ने स्लम इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने की योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि अब पुलिस आंगनबाड़ी स्कूलों की तर्ज पर क्रच खोलेगी।
इस पर जल्द से जल्द काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दुराचार के मामलों में नाबालिग आरोपी उम्र के कारण कुछ हद तक बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब कानून में संशोधन करने का सोच रही है। कानून में कुछ सख्ती हो जाएगी तो दुराचार के मामलों में कमी आने की भी उम्मीद है।