सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर रामलीला कमेटियों की कम्युनिटी बनी हुई है। इनमें दिल्ली की रामलीला कमेटी के सदस्य भी हैं। इसके जरिये ही वे रामलीला में रोचकता और सजीवता लाने के लिए टिप्स लेते हैं।
यह कहना है गढ़वाल रामलीला मंडल बिजली बोर्ड सेक्टर-28 के डायरेक्टर मुकेश शर्मा का। वे कई सीरियल में भी अभिनय कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि रामलीला के मंचन में काफी बदलाव आया है। पहले रामलीला में संस्कृत के शब्दों का प्रयोग होता था। ये कम समझ आते थे।
बच्चों की इसमें रुचि जगाने के लिए डायलॉग हिंदी में किए गए। इसके अलावा लाइट, कॉस्ट्यूम और मेकअप में भी अधिक ध्यान दिया जाने लगा है।
उनके अनुसार एशिया के कई देशों में रामलीला होती है। चंडीगढ़ में तो शहर के बनने के साथ ही रामलीला का मंचन शुरू हो गया था।
रामलीला क्विज:
उन्होंने बताया कि वे अपनी रामलीला में ब्रेक के वक्त क्विज भी करवाते हैं। वे बच्चों से रामायण से संबंधित प्रश्न पूछते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें पुरस्कार देते हैं।