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राम रहीम केसः पंचकूला में हिंसा के लिए 5 करोड़ का सच अब आएगा सामने

Sun, 10 Sep 2017 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
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Ram Rahim Verdict
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25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा करने के लिए 5 करोड़ का फंड दिए जाने का सच अब खुलकर सामने आएगा। इसके लिए कानून ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार देने के बाद पंचकूला में आगजनी, दंगे को भड़काने सहित देशद्रोह के आरोपी चमकौर सिंह व दान सिंह को पुलिस ने 10 दिनों के रिमांड पर लिया गया है।
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दोनों पर आरोप है कि डेरा से उन्हें हिंसा और आगजनी के लिए करोड़ों की राशि दी गई थी, जिसे उपद्रवियों को बांटा गया। दंगा के मामले में रिमांड पर चल रहे सुरेंद्र धीमान से हुई पूछताछ में चमकौर सिंह एवं दान सिंह सहित हिंसा के इस खेल में शामिल अन्य आरोपियों का भी पुलिस को सुराग मिला है।

एसीपी हेडक्वार्टर मुकेश मल्होत्रा और सेक्टर-20 थाने के एसएचओ विकास कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने चंडीगढ़ के अहम ठिकानों पर छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 25 अगस्त से पहले ही पंचकूला में होने वाली गतिविधियों की निगरानी करने वाली टीम, सेक्टर-23 स्थित नाम चर्चा घर, सेक्टर-पांच में भी सक्रिय थी।
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खेल में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं

माना जा रहा है कि हिंसा की इस खेल में शामिल अभी तीन खिलाड़ियों की ही गिरफ्तारी हुई है। चमकौर सिंह ने सीबीआइ कोर्ट की ओर से 25 अगस्त को दिए जाने वाला फैसला से पहले ही लाखों की संख्या में डेरा समर्थकों की शक्ल में इकट्ठा हुए उपद्रवियों का भी साथ दे रहा था। चमकौर सिंह पर आरोप है कि उसकी देखरेख में डेरा समर्थकों के खान पान सहित डेरा से की गई पांच करोड़ की फंडिंग में शामिल था।

इतना ही नहीं, चमकौर ने जिला प्रशासन के साथ बनाई गई तालमेल कमेटी का नेतृत्व भी कर रहा था। वकील प्रथम सिंह ने कहा कि चमकौर सिंह ने डेरा समर्थकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आला अधिकारियों को वाट्सएप मैसेज भी भेजे थे। हिंसा को भड़काने के लिए जिम्मेदार दान सिंह, डेरा प्रमुख की सभी पेशी पर पंचकूला की कोर्ट पहुंचता था और यहां से तमाम रिपोर्ट डेरे तक पहुंचाता था। बाद में उसने पंचकूला में डेरे की कमान संभालने में चमकौर सिंह का साथ दिया।

10 दिनों के रिमांड के दौरान सभी पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। करोड़ों की राशि दिए जाने सहित हनीप्रीत सहित अन्य डेरा समर्थकों से कनेक्शन की भी पुलिस छानबीन में जुटी है।
- मनवीर सिंह, डीसीपी, पंचकूला
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ईएएसआई करमजीत ही सुरक्षा कर्मियों की लगाता था ड्यूटी

Ram Rahim
25 अगस्त को पंचकूला में गुरमीत राम रहीम को फरार कराने की साजिश में शामिल ईएएसआई करमजीत सिंह ही डेरा प्रमुख की सुरक्षा में तैनात कर्मियों को ड्यूटी अलॉट करता था। डेरा प्रमुख की सुरक्षा में तैनात करमजीत के ए.के-47 और एक पिस्टल भी थी। 26 अगस्त को पटियाला में उसने पिस्टल तो सौंप दी, लेकिन उसने एके-47 का जिक्र तक नहीं किया।

आरोपी करमजीत को पूछताछ के लिए चार दिन के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। पूछताछ में पुलिस, आरोपी से डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश का खुलासा करेगी। 25 अगस्त को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत की ओर से डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद उसे फरार कराने की साजिश रची गई थी।

इस मामले में पुलिस ने पहले ही सात सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार करने सहित असलाह की बरामदगी कर ली है। आरोपी करमजीत से पूछताछ के दौरान बाकि असलाह सहित वॉकी टॉकी सहित डेरा प्रमुख को फरार कराने के लिए रची गई साजिश में इस्तेमाल सभी उपकरणों और गैजेट्स को लेकर भी पूछताछ करेगी। पुलिस अधिकारियों ने करमजीत की गिरफ्तारी के बाद यह साफ किया था कि पंजाब पुलिस के कर्मी ने पटियाला में भी झूठ बोलते हुए एके-47 के बारे में जानकारियां छिपाई।
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