फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम रहीम के डेरे में सबसे पहले यह चीज तलाशी जाएगी, अगर सुबूत मिल गए तो...

Fri, 08 Sep 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/सिरसा
विज्ञापन
राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा
विज्ञापन
राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा को खंगालने की मंजूरी मिल गई है। वहीं डेरे में घुसते ही सबसे पहले एक चीज तलाशी जाएगी और अगर वह मिल गई तो...। राम रहीम और डेरे की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाने की हरी झंडी सरकार को दे दी।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने इसके लिए सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार को कमिश्नर नियुक्त किया है, इन्हीं की देखरेख में सर्च ऑपरेशन चलेगा। ऑपरेशन के तहत डेरे में सबसे पहले उन नरकंकालों के लिए सर्च आपरेशन चलाएगी, जिनके बारे में मीडिया में डेरे के पूर्व अनुयायियों ने बयान दिए हैं। पूर्व समर्थकों ने यह आरोप लगाए हैं कि डेरे में नाफरमानी करने वाले लोगों को वहीं मार कर दफन कर दिया जाता था।

नरकंकाल तलाशने से पहले हनीप्रीत और आदित्य इंसा चाहिए
इस काम के लिए पुलिस को सबसे पहले हनीप्रीत और आदित्य इंसा को गिरफ्तार करना होगा। पुलिस का दावा है कि इन्हीं की निशानदेही पर डेरे के अंदर सर्च आपरेशन चलाया जाएगा। यही लोग बताएंगे कि कौन का जुर्म कहां पर दफन है। पुलिस के मुताबिक डेरे में कई राज मौजूद हैं। जिनके बारे में हनीप्रीत और आदित्य इंसा को ही मालूम है। सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार दिन में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिल जाएगी। दोनों की तलाश में छापेमारी का काम जारी है।
विज्ञापन


बाबा की निशानदेही पर संभव नहीं होगी बरामदगी
डेरे की गतिविधियों पर लग रहे तरह-तरह के आरापों के बीच पुलिस के लिए हनीप्रीत और आदित्य इंसा को इसलिए गिरफ्तार करना जरूरी हो गया है, क्योंकि रोज-रोज निशानदेही के लिए बाबा को जेल से निकाल पाना संभव नहीं है। हां पूछताछ में बाबा से जो भी पता चलेगा उसकी सर्च की जाएगी।

जांच के बाद सौंपनी है सीलबंद रिपोर्ट

Ram Rahim
सरकार की ओर से रविंदर ढुल्ल ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि सिरसा का डेरा मुख्यालय सैकड़ों एकड़ में फैला है और यहां न सिर्फ रिहाइशी कॉलोनी ही है बल्कि कई व्यावसयिक संस्थान भी हैं। डेरा मुख्यालय की जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और सरकार की इस प्रक्रिया पर कोई भी सवाल न उठे । इसके लिए सरकार यह जांच किसी निष्पक्ष न्यायिक अधिकारी की निगरानी में करवाना चाहती है।

इस याचिका पर सुनवाई के लिए मंगलवार को जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एजी मसीह एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की फुल बेंच गठित की गई। बेंच ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिटायर्ड सेशन जज एकेएस पवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अब उनकी निगरानी में डेरे की संपत्ति सहित अन्य सभी स्थानों जांच हो। उनकी निगरानी के दौरान जांच में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों सहित अन्य सभी विभागों का पूरा सहयोग दिया जाए।

इसके साथ ही पवार को स्टाफ, कार्यालय और अन्य सुविधाओं सहित सिरसा में ही रहने के लिए आवास प्रदान करने के भी आदेश दिए हैं। इस पूरी जांच के लिए उन्हें डेढ़ लाख रुपये अदा करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ही रेवेन्यू व टैक्सेशन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहें। पारदर्शिता के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि जांच की पूरी प्रक्रिया वीडियो कैमरा की निगरानी में हो।

जांच पूरी कर इसकी सीलबंद रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी। इस दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि अभी तक डेरे को लेकर और क्या कदम उठाए गए हैं।

प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी

राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा
सिरसा प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन की तमाम तैयारियां पहले से ही पूरी कर रखी हैं। डेरा सच्चा सौदा को चारों तरफ सुरक्षा बलों ने घेर रखा है। सेना की दो और अर्द्ध सैनिक बलों की 30 कंपनियां इस इलाके में मौजूद हैं। हरियाणा पुलिस के करीब तीन हजार जवान भी डेरा सच्चा सौदा के आसपास लगाए गए नाकों पर तैनात हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

करीब एक हजार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा बलों के साथ सर्च ऑपरेशन में शामिल होंगे। फतेहाबाद, जींद, हिसार व भिवानी से सैकड़ों अधिकारी सिरसा बुलाए गए हैं। सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार के नेतृत्व में डेरा सच्चा सौदा का चप्पा-चप्पा खंगाला जाएगा। डेरा के अंदर सैकड़ों हॉल और कमरे हैं। डेरा प्रबंधन इनके ताले खोल दे तो ठीक नहीं तो ये काम लुहारों से करवाया जाएगा। इसके लिए करीब 15 लुहारों से प्रशासन ने संपर्क कर रखा है।

सर्च ऑपरेशन में डेरा में मौजूद हर एक भवन और सामान की सूची तैयार की जाएगी। डेरा में चलने वाली हर गतिविधि की रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को सौंपा जाएगा। सिरसा में सच्चा सौदा के दो डेरे हैं। छोटा डेरा शहर के बेगू रोड पर स्थित है। यह डेरा मस्ताना जी के जमाने का है और करीब सौ एकड़ में फैला है। मेन डेरा गांव बेगू से तीन किलो मीटर दूर सदर थाना क्षेत्र में हैं। यह 700 एकड़ में फैला है। इसलिए दोनों डेरे का चप्पा-चप्पा खंगालने में अधिकारियों और सुरक्षा बलों को कई दिन लगेंगे।

बुलेटप्रूफ वाहनों में पहले घुसेंगे सुरक्षा बल

Ram Rahim
सर्च ऑपरेशन की शुरूआत में सबसे पहले अर्द्ध सैनिक बल और सेना के जवानों को बुलेटप्रूफ वाहनों में डेरा के अंदर दाखिल किया जाएगा। बम निरोधक दस्ता भी सुरक्षा बलों के साथ रहेगा। आसमान से निगरानी की तैयारी भी पूरी हो चुकी है।

ऑपरेशन के दौरान एक हैलीकॉप्टर डेरा सच्चा सौदा के ऊपर मंडराता रहेगा। मंगलवार को सुरक्षा बलों के जवान डेरा सच्चा सौदा के काफी पास आकर डटे हुए हैं। ऑपरेशन के लेकर प्रशासन तनिक भी लापरवाही नहीं बरतना चाहता।

सर्च ऑपरेशन को लेकर पूरा प्लान तैयार किया गया है। ऑपरेशन के दौरान सेवानिवृत जज केएस पंवार ,एडीजीपी कानून व्यवस्था, आईजी हिसार अमिताभ ढिल्लो, सिरसा पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी और उपायुक्त प्रभजोत सिंह मौके पर मौजूद रहेंगे।

खुल सकते हैं कई राज

राम रहीम - फोटो : social media
डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि शायद ही कोई ऐसा बाहरी शख्स हो जो डेरा के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हो। डेरा मुख्यालय करीब 700 एकड़ में फैला हुआ है। बताया जाता है कि डेरा जितना बड़ा बाहर से नजर आता है उतना ही अंडर ग्राउंड है। डेरा के वफादार पुराने सेवादारों के अलावा कोई भी शख्स अंडर ग्राउंड एरिए में नहीं जाता था।

जितने भी डेरा अनुयायी डेरा में आते थे वो केवल सत्संग हॉल, मार्केट, स्टेडियम, लंगर हॉल, नामदान हॉल, होटल, खेत खलियान, बाग और कारखानों तक ही जा पाया करते थे। डेरा का काफी बड़ा इलाका ऐसा है जहां सामान्य डेरा प्रेमियों को जाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा के कई राज खुलकर बाहर आ सकते हैं।

डेरा मुखी की गुफा को लेकर उत्सुकता
आम जनता से लेकर सुरक्षा बलों तक सभी ये जानने की उत्सुकता सबसे ज्यादा है कि डेरा सच्चा प्रमुख की गुफा अंदर से कैसी है। अभी तक इस गुफा के बारे में काल्पनिक बातें ही हो रही हैं। इसका मेन कारण यह है कि डेरा प्रमुख की चार एकड़ में फैली गुफा में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। डेरा प्रमुख के बेहद करीबी साधु और साध्वियों के अलावा कोई ऐसा नहीं जो गुफा में जा सकता हो।

बताया जाता है कि गुफा दो भाग हैं। पहला भाग ऐसा है जहां डेरा प्रमुख मंत्रियों से मिला करते थे। डेरा प्रबंधन की डेरा प्रमुख के साथ बैठकें इस भाग में होती थी। गुफा का दूसरा भाग बेहद गोपनीय और आलीशान है, यहां डेरा प्रमुख की अनुमति के बिना परिंदा तक भी नहीं फटक सकता। इसलिए लोगों में गुफा के राज को जानने की उत्सुकता बनी हुई है।

 
विज्ञापन

साध्वियों के आश्रम का एक दरवाजा खुलता था गुफा की तरफ

राम रहीम - फोटो : social media
डेरा के पूर्व साधुओं की मानें तो डेरा प्रमुख की गुफा का एक रास्ता सीधा साध्वियों के आश्रम की ओर जाता है। आश्रम का एक दरवाजा इस रास्ते की ओर खुलता है। पूर्व साधु दावा करते आ रहे हैं कि साध्वियों को इस रास्ते डेरा प्रमुख की गुफा में ले जाया जाता था। डेरा प्रमुख की सेवा में हर समय सौ से ज्यादा साध्वियां जुटी रहती थी। गुफा के अंदर पुरुष साधुओं को आने की अनुमति नहीं थी। गुफा की देखरेख साध्वियां ही करती हैं।

इस गुफा में डेरा प्रमुख महाराजाओं की भांति जीवन जीता था। जो काम राजा अपनी दासियों से लेते थे वहीं काम साध्वियां करती थीं। यौन शोषण की शिकार हुई पूर्व साध्वियां अपने बयान में ये बात कह चुकी है कि जिस जो डेरा प्रमुख को जो साध्वी पसंद आती थी, उसे वो अपने बैड रूम में बुला लिया करता। अधिकांश साध्वियां डेरा प्रमुख को अपना तन मन समर्पित कर देती थी। जो साध्वियां आनकानी करती उन्हें इसकी सजा दी जाती।

700 एकड़ की प्रापर्टी का एक एक कोना तलाशा जाएगा। हनीप्रीत और आदित्य इंसा को राउंड अप करना जरूरी है। उनकी गिरफ्तारी के बिना पूरी सर्च संभव नहीं है। लिहाजा पुलिस का फोकस उनकी गिरफ्तारी पर है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- बीएस संधू, डीजीपी हरियाणा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें