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हरियाणा को हाईकोर्ट से फटकार, मजबूरियां गिनवाती रही सरकार, होती रही फजीहत

Thu, 31 Aug 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Highcourt on Ram rahim
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हरियाणा में बिगड़े हालातों और व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की किरकिरी हुई और खूब फटकार पड़ी। जहां एक ओर हरियाणा सरकार पंचकूला मामले को अपनी रणनीति का हिस्सा बताने में जुटी रही वहीं दूसरी ओर अपनी मजबूरियां गिनवाने में। आखिरकार हाईकोर्ट ने इस मामले में विशेष जांच दल गठित कर हरियाणा में दर्ज सभी मामलों की जांच की निगरानी का जिम्मा इसे सौंपने के आदेश दिए।
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एसआईटी को एडीजीपी स्तर के अधिकारी की निगरानी में काम करना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा के एडवोकेट जनरल से हाईकोर्ट ने आभी तक के हालातों पर जवाब मांगा तो हरियाणा सरकार ने बताया कि फिलहाल शांति कायम है। इसपर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से राम रहीम के काफिले के बारे में पूछा। हरियाणा सरकार ने बताया कि 400 कार का काफिला सिरसा से चला था जिसमें बाबा की 5 एसयूवी और हर एसयूवी के साथ जिप्सी और प्राईवेट सिक्योरिटी थी।

जिसमे से 16 वाहन पुलिस के थे और बाकि डेरा मुखी के साथ थे। कोर्ट के भीतर सिर्फ 2 कारों को ही जाने दिया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जब शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था तो डेरा मुखी के 173 वाहन शहर कैसे पहुंच गए थे। आपकी पुलिस और शहर के सभी सुरक्षा बंदोबस्त कहां चले गए थे। इतना बड़े काफिले को शहर में बिना रोकटोक और जांच के प्रवेश कैसे होने दिया गया।
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तय है इन वाहनों में कई डेरा मुखी के निजी सुरक्षा कर्मी भी थे जो हथियारों के साथ थे। जब डेरा मुखी को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्ष उपलब्ध थी तो किस आधार पर उसके निजी सुरक्षा कर्मी भी शहर में आए। तय है की इन्ही वाहनों में ऐसे लोग भी थे जो दंगा भड़काने में जिम्मेदार थे।

गाड़ियों में कितने लोग थे, इसे बता पाना संभव नहीं है

कोर्ट - फोटो : सांकेतिक चित्र
कोर्ट ने पूछा कि इन गाड़ियों में कितने लोग थे तो हरियाणा सरकार ने कहा इसे बता पाना संभव नहीं है। कोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार को जमकर फटकारा और कहा कि यदि कोर्ट ने सही समय पर दखल न दिया होता तो हालात कुछ और ही होते। इसपर हाईकोर्ट ने जब हरियाणा को फटकार तो हरियाणा सरकार ने इसे प्लानिंग का हिस्सा बताया और कहा कि यदि डेरा मुखी की बात नहीं मानी गई होती तो वह आने से मना कर देते।

यदि ऐसा होता तो उन्हें निकालने की जिम्मेदारी सरकार के पास आती और इसमें हजारों जान जाने का खतरा था। हाईकोर्ट ने पूछा कि यदि ऐसा था तो धारा 144 की गलत नोटिफिकेशन क्यों जारी की गई। हरियाणा सरकार इसपर ठोस जवाब नहीं दे पाई। इसके साथ ही हाईर्कोअ ने कहा कि पंचकूला कोई रेगिस्तान तो नहीं था जिसे अपनी प्लानिंग के लिए बंधक बन जाने दिया गया। यदि यहां पर हालात बिगड़ते तो हजारों लोगों की जान और प्रोपर्टी स्वाहा हो जाते।

हरियाणा सरकार को एक बार फटकार लगाते हुए कहा कि, स्थिति को बिगड़ने में सरकार की भूमिका भी रही है। आगे हरियाणा सरकार ने बताया कि डेरे के आदित्य इंसा, धीमान इंसा, दिलावर इंसा, पवन इंसा और मोहिंदर इंसा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई ह। महाजन ने बताया की सम्बंधित रिपोर्टर जिसने यह समाचार प्रकाशित किया था उससे बात करने के बाद इन पांचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश

court
हाईकोर्ट ने इन दंगों के दौरान दर्ज सभी एफ.आई.आर. की जांच की निगरानी के एसआईटी के गठन के आदेश दे दिए हैं। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि इस यह एसआईटी का प्रमुख एडीजीपी स्तर से काम पद का अधिकारी न हो। दर्ज सभी एफआईआर में से किसी भी एफआईआर की कैंसिलेशन रिपोर्ट हाईकोर्ट को जानकारी दिए बिना दायर नहीं होग। एसआईटी इलाका मजिस्ट्रेट को जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी और इलाका मजिस्ट्रेट यह रिपोर्ट 27 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई यह रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करेंगे।

13 जिलों की व्यवस्था में पंजाब ने खर्चा लगभग 2 करोड़
पंजाब सरकार ने बताया कि उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों से व्यवस्था पर किए गए खर्च का ब्यौरा मांगा था। अभी तक 13 जिलों का ब्यौरा आया है और बाकी 9 का आना अभी बाकी है। 13 जलों में विभिन्न प्रकार की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 89 लाख 80 हजार 205 रुपए खर्च हुए हैं। पंजाब सरकार ने कहा कि अगली सुनवाई तक व्यवस्था पर हुए व्यय का पूरा ब्यौरा सौंप दिया जाएगा।

डेरे के नाम चर्चा घरों पर हरियाणा पंजाब का शिकंजा
हरियाणा और पंजाब सरकार ने डेरे के नाम चर्चा घरों की जांच के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर अपना जवाब सौंपा। हरियाणा सरकार ने बताया कि 103 नाम चर्चा घरों की पुलिस की कड़ी निगरानी में जांच करते हुए किसी भी प्रकार की संदिग्ध खतरे की संभावना से बाहर के दायरे में कर दिया है। वहीं पंजाब सरकार ने अभी तक 85 डेरों में इस प्रक्रिया को पूरा किया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में दोनों सरकारों ने आश्वासन दिया कि वे किसी भी डेरे या ऐसे किसी स्थल में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं होने देंगे।
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बैंक खातों की जानकारी के लिए अभी लेगगा समय

कोर्ट
पंजाब और हरियाणा सरकार ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के बैंक खातों और अन्य संपत्तियों का पूरा ब्यौरा सौंपने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए। हालंाकि हरियाणा और पंजाब सरकार छुटपुट जानकारियों के साथ कोर्ट में मौजूद थी जिसे हाईकोर्ट ने नाकाफी मानते हुए अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

डेरा समर्थकों को भड़काने वाले इंटरसेप्ट किये मेसेज सौंपे
पंजाब सरकार ने डेरा मुखी के पेश होने के चलते डेरे की ओर से समर्थकों को भड़काने के लिए कुछ मेसेज की हाई कोर्ट को जानकारी है  सरकार ने बताया कि, ख़ुफ़िया एजेंसी के जरिये यह मेसेज इंटरसेप्ट किये गए हैं  जिसमे डेरे की ओर से समर्थकों को भड़काया गया था। 

सरकार ने सीलबंद रिपोर्ट में यह मेसेज हाई कोर्ट को सौंप दिए और कहा कि, यह कुछ मेसज हैं इसके अलावा अन्य मेसेज भी हैं जो अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में हाई कोर्ट को सौंप दिए जायेंगे  कुछ ऐसे ही मेसेज हरियाणा पुलिस ने भी इंटरसेप्ट किये थे  इसकी जानकारी भी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को दी जाएगी
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