उन्होंने कहा कि जिन अपराधियों को हरियाणा में आपराधिक न्याय क्षेत्र के न्यायालयों द्वारा दोषी ठहराया गया है लेकिन हरियाणा के बाहर जेलों में अपनी सजा काट रहे हैं, वे भी छूट प्राप्त करने के हकदार होंगे। उन्होंने बताया कि जो अपराधी जमानत पर हैं, उन्हें यह छूट नहीं दी जाएगी।
इन अपराध श्रेणी के आरोपियों को नहीं दी जाएगी छूट
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों की हत्या व अपहरण, बलात्कार के साथ हत्या, डकैती और लूटपाट, एसिड अटैक, टेरॉरिस्ट एंड डिसरेप्टिव एक्टिविटीज (प्रीवेंशन) अधिनियम-1987, कार्यालय गोपनीय अधिनियम-1923, विदेशी अधिनियम-1948, पासपोर्ट अधिनियम-1967, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम-1961 की धारा 2 और 3, भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 121 से 130, फिरौती के लिए किडनैपिंग, पॉक्सो अधिनियम 2012 के तहत कोई अपराध, एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत धारा 32ए के तहत सजा काट रहे अपराधियों को छूट नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा किसी भी वर्ग के बंदी, पाकिस्तान नेशनल, अपराध दंड संहिता 1973 की धारा 107/109/110 की धाराओं के साथ-साथ शांति बनाए रखने के मामले में सुरक्षा देने में असफल होने वाले आपराधिक व्यक्ति, पिछले दो वर्षों के दौरान किसी भी बड़े जेल अपराध में संलिप्त अपराधियों के मामले में सजा काट रहे अपराधियों को कोई छूट नहीं मिलेगी।