डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। याचिका दाखिल करते हुए राम रहीम ने कहा कि साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में हंस राज चौहान की पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपी थी।
आरोप लगाया गया था कि ईश्वर से मिलाने के नाम पर 400 से अधिक साधुओं को नपुंसक बनाया गया था। इस मामले में सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत कुल 128 गवाहों के बयान दर्ज किए थे। जब चार्जशीट दायर करने की बारी आई तो केवल 122 गवाहों के बयान को चालान में शामिल किया गया।
याची ने कहा कि सीबीआई अपना केस मजबूत करने के लिए केवल उन गवाहों के बयान को शामिल कर रही है जो याची के खिलाफ हैं। याची के पक्ष में आए बयानों को चालान से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में उस पर दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।