मध्यप्रदेश के बाद हरियाणा में भी कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। मामला राज्यसभा टिकट का है। हुड्डा ने कुमारी सैलजा को टिकट देने को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि एक शख्स को दोनों चीजें नहीं मिल सकतीं।
हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वीरवार देर शाम घोषित कर दिया। रोहतक से पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस हाईकमान ने टिकट दिया है। मध्यप्रदेश के युवा तुर्क ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी को हरियाणा में युवा दीपेंद्र पर भरोसा जताना पड़ा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा मजबूत दावेदारी जता रही थीं, एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी संसद के उच्च सदन में पहुंचने के लिए जुगाड़ भिड़ा रहे थे, लेकिन दोनों ही टिक पाने में सफल नहीं हुए। नेता प्रतिपक्ष व दीपेंद्र के पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूर्व सांसद बेटे को राज्यसभा पहुंचाने के लिए तगड़ी किलेबंदी किए हुए थे।
उन्होंने सैलजा की दावेदारी का खुला विरोध किया। वह यह कहने से भी नहीं हिचके कि प्रदेशाध्यक्ष पद के साथ-साथ राज्यसभा सांसद सैलजा को नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत का हवाला देते हुए युवा दीपेंद्र को राज्यसभा भेजने की बिसात बिछा डाली। पार्टी हाईकमान उनकी दलीलों को दरकिनार नहीं कर पाया और शह-मात के खेल में हुड्डा बाजी मार गए।
दिल्ली में 24 विधायक जुटाकर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हुड्डा
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटों में से कांग्रेस के 31 विधायक हैं। इनमें अंक गणित हुडडा के साथ है। वह बुधवार को ही दिल्ली में 24 विधायक जुटाकर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके एक समर्थक विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा उपचाराधीन चल रहे हैं। जजपा के साथ ही कुछ निर्दलीय भी हुड्डा के संपर्क में हैं।
इससे दीपेंद्र की राज्यसभा पहुंचने की राह कठिन नहीं दिख रही। 31 कांग्रेस विधायकों में तीन ही सैलजा समर्थक माने जाते हैं। अगर वे क्रॉस वोटिंग करते भी हैं तो भूपेंद्र हुड्डा जजपा व निर्दलीय विधायकों में से समर्थन जुटा लेंगे। भाजपा ने अभी तक अपने तीसरे उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
वह कांग्रेस उम्मीदवार के इंतजार में थी। सूत्रों के अनुसार दीपेंद्र हुड्डा के उम्मीदवार बनने पर भाजपा उम्मीदवार नहीं भी उतार सकती है। हुड्डा विरोधी खेमे से उम्मीदवार आने पर भाजपा क्रॉस वोटिंग के जरिए नैया पार लगाने की तैयारी में थी।
दीपेंद्र हुड्डा
. तीन बार रोहतक से लोकसभा सांसद रहे
. हुड्डा परिवार की तीसरी पीढ़ी के नेता
. जन्म 4 जनवरी 1978
. प्रखर वक्ता, मुद्दों की सही पहचान
. लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अरविंद शर्मा ने बहुत कम अंतर से हराया