चंडीगढ़ में जब कोई इस 'दलबदलू' के पास से गुजरता है तो उसके मुंह में पानी आ जाता है, फिर वो यहां पर रुके बिना नहीं जाता। बस स्टैंड के सामने सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट के बरामदे में खाने की कई चीजें मिलती हैं, लेकिन यहां पर जब कोई दलबदलू के पास से गुजरता है तो उसके मुंह में राजमा और पकोड़े वाली कड़ी देख पानी आ जाता है। यहां के राजमा, कड़ी और पुलाव चावल को खाने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं।
कड़ी और राजमा चावल के ऊपर जब पुदीने की चटनी और सूखा प्याज डलता है तो इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। आसपास के दुकानदारों के अलावा दूसरे सेक्टरों से भी व्यापारी दलबदलू के यहां से राजमा और कड़ी चावल पैक करवा कर ले जाते हैं। पीजी में रहने वाले का दोपहर का लंच यहीं पर होता है। राजमा चावला और कड़ी चावला की पैकिंग प्लास्टिक के डिब्बे में करके दी जाती है जिसकी कीमत 40 रुपये है। इसे खाने के लिए कई वीआईपी अपने लग्जरी कार में आते हैं।
ऐसे पड़ा यह नाम
अधिकतर लोग दलबदलू नाम सुनकर हैरान हो जाते हैं। यह दुकान सेक्टर-22 में 1984 से चल रही है। राजमा और कड़ी चावल बनाकर बेचने का काम सुखदेव राज ने शुरू किया था। उनका तीन साल पहले निधन हो चुका है। इस समय उनके बेटे धीरज यह दुकान चला रहे हैं। धीरज का कहना है कि जिस दिन उनके पिता ने यह दुकान शुरू की थी उस समय हरियाणा का एक मंत्री रातोरात एक दल छोड़कर दूसरे दल में चला गया था। उनके पिता दुकान का कोई नाम रखना चाहते थे इस पर उन्होंने दलबदलू नाम रख लिया।
खाने के बाद पीजिए लस्सी
राजमा और कड़ी चावल के साथ मसाले वाली मिर्च तीखा स्वाद और बढ़ा देती है। ऐसे में यहां पर ठंडी लस्सी भी मिलती है। मिठी लस्सी का अपना ही क्रेज है। इसका गिलास 10 रुपये का है।
दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक
धीरज ने बताया कि दोपहर 12 से लेकर शाम 5 बजे तक वह कारोबार करते हैं। प्रतिदिन ताजा राजमा और कड़ी चावल बनाए जाते हैं। इस बनाने और सप्लाई करने के लिए तीन अन्य कर्मचारी हैं। सुबह 4 बजे से इसे बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है। धीरज ने बताया कि क्वालिटी से समझौता न उनके पिता ने किया था और न ही वे करते हैं।
वे इसी मार्केट में फोटोग्राफी का काम करते थे, लेकिन पिता के निधन के बाद अब वे यही काम करते हैं। चने और न्यूट्री-आलू के साथ चावल भी बनाकर बेचने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने कड़ी, राजमा और चावला ही पसंद किए हैं। धीरज का कहना है कि खुद पिसे हुए और उच्च किस्म के मसाले का प्रयोग करते हैं।